बिहार चुनाव के दौरान उठा असहिष्णुता का मुद्दा कहां गुम हो गया। मालदा की घटना पर साहित्याकार पुरस्कार क्यों नहीं लौटा रहे। देश की समस्याओं पर चर्चा के लिए बनने वाली समिति के लिए कांग्रेस क्यों सदन नहीं चलने दे रही है। यह बातें कौशाम्बी सांसद विनोद सोनकर ने कुंडा डाक बंगले में जनसुनवाई के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान जिस असहिष्णुता का मुद्दा उठाया गया था उसे लगातार चलने देना चाहिए था। एक ही घटना पर क्यों लोग ध्यान लगाते हैं।
बंगाल में इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन उस पर लोग मौन हैं और साहित्यकार पुरस्कार भी नहीं लौटा रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सारे कार्य राजनीति से प्रेरित थे। कहा कि देश की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए सदन की बैठक बुलाई जाती है। इसमें बाधा डालने का मतलब देश के साथ अन्याय करना है। इस दौरान डाक बंगले पर अपदा राहत चेक न मिलने से नाराज भाकियू की महिलाओं ने उनका घेराव किया। इस पर उन्होंने डाक बंगले में किसानों को मिलने वाले आपदा चेक और सूखा राहत चेक के बारे में एसडीएम व तहसीलदार से बातचीत की। इस दौरान शिवमूर्ति मिश्रा, आनंद, अभय प्रताप सिंह पप्पन, सतीश चौरसिया, रामनरेश पटेल, सरोज त्रिपाठी, संदीप मौर्या, अनुराग पांडेय, इंद्र नारायण पांडेय, विनोद कुमार, दिवाकर पांडेय, सुनील केशरवानी, टिंकू मिश्र, गया प्रसाद पांडेय, अखिलेशकुमार भूपेंद्र पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।