विकास खंड बाबाबेलखरनाथ धाम में इंदिरा आवास आवंटन में हुई धांधली की जांच शुरू कर दी गई है। अपात्रों का नाम सामने आने के बाद उनके खाते से धनराशि निकालने पर रोक लगा दी गई है। मामले में अफसरों के संज्ञान लेने और कार्रवाई से ब्लाक में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में कुछ लोगों से रिकवरी भी हो सकती है।
बेलखरनाथ ब्लाक में 148 इंदिरा आवास अनुसूचित जाति के पात्र लोगों को मिलने थे। आवास आवंटन में ब्लाक कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर हेरफेर किया। महोखरी गांव में एक व्यक्ति के नाम से दो आवास आवंटित कर दिए गए।
मामले की शिकायत हुई तो जांच में यह बात सही साबित हो गई। खंड विकास अधिकारी शशी देवी ने नोटिस जारी कर खाते में गए पैसे की रिकवरी करने का निर्देश दिया है। हालांकि इस मामले में ब्लाक के बाबू, सेक्रेटरी के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर अधिकारी बैकफुट पर आ गए। पूरे मामले को मैनेज करने का काम शुरू हो गया। इसके बाद भी जिम्मेदारों ने कोई सावधानी नहीं बरती। सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर व सेटिंग की गई। ब्लाक मुख्यालय से जिला मुख्यालय भेजी गई सूची में काफी खेल किया गया। तमाम पात्र लोगों के नाम चयनित सूची से बाहर हो गए। जहां सेटिंग थी वहां आंख मूंदकर आवास दे दिए गए और कई ग्राम पंचायतों में एक भी आवास नहीं दिए गए। अनियमितता व हेरफेर का आलम यह रहा कि वर्ष 2009 में जिन्हें आवास मिला था, उन्हीं को पुन: आवास आवंटित कर दिया गया। ग्रामीणों ने दिए गए शिकायती प्रार्थनापत्र में ब्लाक में तैनात एक बाबू की भूमिका पर सवाल उठाया है।
इन आवासों के आवंटन में न तो स्थलीय जांच की गई और न ही पात्रता को देखा गया। बस सेटिंग के आधार पर आवास आवंटित कर दिए गए। 23 जनवरी को ‘अमर उजाला’ ने इस मामले को उजागर किया तो अफसरों की नींद टूटी। बीपीएल सूची 2002 आधार मानकर आवास आवंटित किए गए। कहा गया कि आवास उन्हें ही मिला है जिनके बीपीएल क्रमांक उन्हीं के नाम पर हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।