गर्भवती महिलाओं को अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। शासन के निर्देश पर मातृत्व सप्ताह दिवस मनाया जा रहा है। इसमें 32 हजार गर्भवती महिलाओं की जांच का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर मातृत्व सुरक्षा सप्ताह 27 जनवरी से लेकर 3 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को चिह्नित कर उनका पंजीकरण किया जाएगा। ऐसी महिलाओं के पोषण, गर्भ की दशा व आयरन की कमी को दूर किया जाएगा। जिला प्रशासन हर स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की मदद करेगा। हर गांव में रोस्टर के हिसाब से गर्भवती महिलाओं की जांच होगी।
360 एएनएम, 72 कलस्टर मोबाइल के साथ ही इस कार्य की निगरानी के लिए 17 अधिकारियों को भी लगाया गया है। 4 फरवरी को विशेष अभियान चलेगा। छूटी महिलाएं अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच करा सकती हैं। हर ब्लाक में करीब 15 सौ महिलाओं के गर्भवती होने का अनुमान लगाया गया है। इस तरह पूरे जिले में करीब 32 हजार का टारगेट बनाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिलाओं की जांच की योजना बनाई है। सीएमओ डा. विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान से शिशु व गर्भवती महिलाओं की मृत्युदर में कमी आएगी। कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। जिसमें लोग अपनी शिकायत कर सकते हैं।
मातृत्व सप्ताह योजना की शुरुआत जिलाधिकारी डा. आदर्श सिंह स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ किसी भी दो गांव से करेंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को ऐसे गांवों का चयन करने का निर्देश भी दिया है। संभावना जताई जा रही है कि डीएम चयनित गांव के अलावा भी दूसरे गांवों में जा सकते हैं।