त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कम अंतरों से जीतने वाले प्रधानों के विरोधी अचानक सक्रिय हो उठे हैं। पंचायत चुनाव कार्यालय से दो माह के भीतर करीब पचास से अधिक लोग मतगणना सीट ले चुके हैं। हारे प्रत्याशी अब विजयी प्रधान के खिलाफ पुनर्मतगणना कराने के लिए एसडीएम न्यायालय की शरण लेंगे।
जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य के साथ ही ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव हुए दो माह से अधिक समय हो चुका है। अधिकांश नवनिर्वाचित प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्यों ने शपथ भी ले ली है। अभी ब्लाक प्रमुख चुनाव न होने के कारण क्षेत्र पंचायत सदस्य शपथ लेने से वंचित हैं। परिणाम आने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय पंचायत पर चुनाव हारने वाले प्रधान के प्रत्याशियों का जमावड़ा लग रहा है। अभी तक कुंडा तहसील से 32, लालगंज से 8, रानीगंज से चार, सदर व पट्टी तहसील क्षेत्र से तीन-तीन लोगों ने निर्धारित फीस का ट्रेजरी चालान जमाकर मतगणना की नकल प्राप्त की है।
ऐसे लोगों का कहना है कि निर्वाचित प्रधान को गलत तरीके से काउंटिंग में विजयी घोषित किया गया, उन लोगों को मतगणना के दौरान ही जबरन भगा दिया गया। वे पुनर्मतगणना कराने के लिए पहले एसडीएम कोर्ट की शरण में जाएंगे। इसके बाद न्यायालय की शरण लेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत एसपी बर्नवाल ने बताया कि अब तक करीब पचास लोगों ने मतगणना सीट की नकल निर्धारित शुल्क जमा कर प्राप्त किया है। ऐसे लोगों में अधिकांश कम अंतर से चुनाव हारे हैं।