रांग नंबर से प्रेमी फिर पति बना युवक मां-बाप के प्यार पर भारी पड़ा। पुलिस के दबाव में थाने पहुंची युवती ने पति के साथ रहने की सहमति जताई। पिता ने 2013 में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस समय वह नाबालिग थी। हाल ही में पिता ने हाईकोर्ट में एसपी को तलब कराया तो पुलिस के दबाव में युवती थाने पहुंच गई और पति के साथ रहने की रजामंदी जता दी।
कोतवाली क्षेत्र के पीरानगर गांव निवासी कृति मिश्रा के फोन पर बरई का पुरवा जेठवारा निवासी रवि यादव पुत्र प्रदीप यादव का फोन आया था। रांग नंबर होने के कारण तुरंत तो फोन कट गया, लेकिन बाद में कृति से युवक की बातें लगातार होने लगीं। बातचीत का सिलसिला चला तो फिर चलता ही गया। इसके बाद कब बातचीत के दौरान ही दोनों इश्क में डूब गए पता ही नहीं चला। दोनों एक दूसरे से मिले और फिर साथ में जीवन बिताने का फैसला कर लिया। 2013 में दोनों एक दूसरे के साथ नई जिंदगी की शुरुआत करने निकल पड़े।
कृति के पिता ने युवक के बारे में जानकारी करके उस पर 363, 366 का मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन पुलिस उसे खोजने में नाकाम रही। इधर कुछ दिन पहले कृति के पिता रविशंकर ने हाईकोर्ट में रिट कर दी। इस पर एसपी प्रतापगढ़ को उच्च न्यायालय ने तलब कर लिया। पुलिस पर दबाव बढ़ा तो उसने हाथ पैर मारने शुरू किए। दो दिन पहले दबाव बढ़ा तो कृति अपने पति के साथ कुंडा पहुंची और पुलिस को पति के साथ ही रहने की बात कही। इस पर पुलिस ने उसे महिला थाने भेज दिया। वहां से वह बयान देने के बाद फिर से पति के साथ चली गई।