ग्रामीण व वार्ड के हिसाब तैयार सर्वे रिपोर्ट जमा न करने पर बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राआें को मौखिक परीक्षा में अंक नहीं मिलेंगे। परीक्षा के पहले छात्र-छात्राओं को रिपोर्ट तैयार कर महाविद्यालय में जमा करना होगा। हालांकि अभी तक महज दस प्रतिशत छात्र-छात्राएं ही रिपोर्ट तैयार कर सके हैं। जबकि अन्य लोगों को आंकड़े जुटाने में परेशानी हो रही है।
बीकॉम तृतीय वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की लिखित परीक्षा के साथ मौखिक परीक्षा भी होती है। मौखिक परीक्षा में प्राप्त अंकों को लिखित परीक्षा में मिलने वाले नंबरों के साथ जोड़ा जाता है। आन्तरिक मूल्यांकन होने की वजह अधिकांश छात्र-छात्राएं मौखिक परीक्षा में अधिक अंक हासिल कर लेते हैं। यह नंबर उनकी मेरिट बनाने में मदद करता हैं। वहीं परीक्षा में अच्छे अंक पाने में छात्र-छात्राओं के सामने सर्वे व प्रोजेक्ट रिपोर्ट बाधक बना हुआ है। बिना रिपोर्ट जमा किए छात्र-छात्राओं को मौखिक परीक्षा में नंबर नहीं मिलेंगे। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को सर्वे करने के तौर तरीकों की जानकारी देने के लिए यह कार्य कराया जा रहा है।
वाणिज्य विभाग ने छात्र-छात्राओं से गांवों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। वहीं शहरी इलाकों के छात्र-छात्राओं को वार्ड के हिसाब से रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा है। इस रिपोर्ट के अंतर्गत छात्र-छात्राओें को क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक स्थिति की जानकारी कर रिपोर्ट तैयार करना है। जिसमें क्षेत्र की जनसंख्या के आंकड़े भी शामिल होंगे। एमडीपीजी के वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष डॉ. सीएन पांडेय ने बताया कि इन रिपोर्ट का मूल्यांकन करने के बाद ही छात्र-छात्राओं की मौखिक परीक्षा कराई जाएगी। रिपोर्ट जमा न करने वाले छात्र-छात्राओं के परीक्षा में अंक काट लिए जाएंगे।