लोगों की सुरक्षा के लिए शहर में पुलिस व यातायात बूथ बनाए गए हैं। जहां 24 घंटे पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बनी रहनी चाहिए। शहर में बने पुलिस बूथों में रात तो दूर की बात दिन में भी कोई पुलिसकर्मी दिखाई नहीं पड़ता। इससे चोरी, छिनैती व छेड़छाड़ की घटनाओें पर अंकुश नहीं लग पा रहा। शहर से सटे चिलबिला में तो हद ही हो गई है। यहां पुलिस बूथ में बकायदा दुकान चल रही है। एक नाई ने यहां इसमें अपनी टेबल भी लगा रखी है।
चिलबिला में दो दशक से पुलिस सहायता बूथ बना हुआ है। पटरी दुकानदार अपना सामान वहां रखकर व्यवसाय करते रहते हैं। दिन तो दूर रात में भी बूथ पर पुलिसकर्मी मुस्तैद नहीं दिखाई पड़ते। यही हाल में शहर के श्रीराम चौराहे पर बनाए गए पुलिस सहायता बूथ का है। पंजाबी मार्केट में जाम की समस्या, लोगों से छिनैती समेत दूसरी घटनाओं पर रोकथाम के लिए अधिकारियों के आदेश पर पुलिसकर्मियों व होमगार्डों की हर दिन ड्यूटी लगती है, लेकिन वे किसी को दिखते नहीं हैं। अलबत्ता एक्शन मोबाइल की टीम भले ही आकर कुछ देर के लिए तिराहे पर सुबह-शाम डेरा डाल देती है। जीआईसी के पास जिला प्रशासन के निर्देश पर शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस बूथ बनाया गया है। हाल में ही उसकी स्थापना कराई गई, इसके बावजूद वहां कोई पुलिसकर्मी दिन रात नहीं रुकता।