सोमवार को बिजली विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मातहतों के साथ बाबागंज स्थित होटल गोयल रेजीडेंसी में लगी आग की जांच करने के लिए पहुंचे। दो घंटे तक निरीक्षण करने के बाद वायरिंग के तारों का नमूना अपने साथ ले गए। इस दौरान टीम के लोगों को पुलिस का इंतजार करना पड़ा।
बता दें कि गोयल रेजीडेंसी में शुक्रवार की भोर में आग लग गई थी। इसमें जलने और धुएं से दम घुटने के कारण दस लोगों की मौत हो गई थी। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं। सोमवार को डिप्टी डायरेक्टर विद्युत सुरक्षा निदेशालय रायबरेली के जीतेंद्र कुमार मातहतों के साथ जांच करने पहुंचे। चूंकि होटल में पुलिस ने ताला बंद कर रखा है। अधिकारियों से बात करने के बाद भंगवाचुंगी चौकी प्रभारी एसएम कासिम होटल पर पहुंचे और ताला खोला। इसके बाद डिप्टी डायरेक्टर होटल में आग लगने के कारणों की छानबीन करने लगे। करीब दो घंटे तक गहनता से छानबीन करने के दौरान अधिकारियों ने वायरिंग की केबिल और तार का नमूना भी लिया। इसके बाद उन्होंने एसडीओ और जेई को कार्यालय में तलब किया। अधिकारियों ने होटल के कनेक्शन की जानकारी करने के साथ ही बिल की भी जानकारी ली।
होटल गोयल रेजीडेंसी में अग्निकांड की तह तक जाने के लिए पुलिस हर बिंदु पर गहराई से छानबीन कर रही है। शहर कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि होटल प्रबंधन से जुड़े सुनील गोयल और मैनेजर लोकेश को जेल भेजने के बाद दूसरे मैनेजर पवन और सुरक्षाकर्मी की तलाश में दबिश दी जा रही है। इनके मिलने के बाद कई अहम सवालों के जवाब मिल जाएंगे। जिससे हादसे के बारे में पता चल सकेगा। घटना के बाद मैनेजर व सुरक्षाकर्मी कैसे बच गए। होटल में कितने लोग रुके थे। मुसाफिरों को भागने का मौका क्यों नहीं मिला। कर्मचारी अपनी जान बचाकर भागने में कैसे कामयाब हो गए। पुलिस इन सवालों के जवाब के लिए दोनों की तलाश कर रही है।
शुक्रवार को बाबागंज स्थित गोयल रेजीडेंसी होटल में हुई घटना के बाद कोतवाली में तैनात महिला दरोगा के चलते विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि शहर कोतवाल ने छानबीन के बाद सोमवार को मामले का पटाक्षेप करा दिया। महिला दरोगा ने मृतका रेशमा के शरीर पर मिले जेवरात को रांची की रहने वाली मृतका प्रियंका का बताया था। इससे यह बात साबित होती थी कि प्रियंका शादीशुदा थी। रविवार को उसकी पहचान करने पहुंचे भाई ने उसे अविवाहित बताया और जेवरात भी उसका न होना बताया। इसे लेकर पुलिस उलझ गई। पुलिस ने रेशमा के परिजनों को जेवरात के साथ तलब कर लिया। उसके परिजन सीओ सिटी एमपी सलोनिया के पास पहुंचे और रेशमा की तस्वीर दिखाते हुए उसके गले में चेन, मंगलसूत्र समेत दूसरे जेवरात भी दिखाए। इसे देखने के बाद पुलिस ने जेवरात व मोबाइल उसके हवाले कर दिया। कोतवाल अनिल कुमार ने बताया कि महिला दरोगा ने पंचायतनामा भरते समय भूल कर दी थी। उसे सुधार लिया गया है।