ओमप्रकाश त्रिपाठी को भले ही भाजपा ने नया जिलाध्यक्ष बना दिया है, मगर उनकी राह आसान नहीं होगी। जिलाध्यक्ष पद के लिए 26 धुरंधरों ने आवेदन किया था। ऐसे में वे जिलाध्यक्ष की टांग खीचने से पीछे नहीं रहेंगे। गुटबाजी से जूझ रही पार्टी को जिले में पुन: नए सिरे से खड़ा करना होगा। भितरघात और आपसी खींचतान के कारण ही वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को एक भी सीट नहीं मिल सकी थी। इस बार भी हालात बहुत जुदा नहीं हैं।
2017 के विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। तैयारी के लिए बहुत अधिक समय नहीं है। ऐसे में ओमप्रकाश त्रिपाठी की अग्नि परीक्षा होगी। जिले के बेलखरनाथधाम ब्लाक के मूलत: गहरीचक गांव निवासी चिंतामणि त्रिपाठी के तीन पुत्रों में ओमप्रकाश त्रिपाठी सबसे छोटे हैं। भाजपा से ही राजनीतिक जीवन का शुभारंभ करने वाले त्रिपाठी ने पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्य किया। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और उनकी वाकपटुता के कारण ही उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया है। जिलाध्यक्ष की कुर्सी संभालने वाले नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी ने पार्टी में गुटबाजी को दूर करने और कार्यककर्ताओं को उचित सम्मान देकर मजबूत बनाने की बात कही है।