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काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में बम की सूचना से सनसनी

Sun, 10 Jan 2016 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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 वाराणसी से नई दिल्ली जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में रविवार को थैले में बम मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। ट्रेन को प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर रोककर पुलिस वालों ने चेकिंग कराई। चेकिंग के दौरान एस-9 कोच में शौचालय के पास पुलिस को एक लावारिस थैला मिला। मगर उसमें बम नहीं था। पूरी ट्रेन की की गहन तलाशी लेने के बाद ही यहां से रवाना किया गया। बम की सूचना से एस-9 कोच के यात्रियों की जान घंटे भर तक सांसत में रही।
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रविवार को काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस वाराणसी से चली।

 इसी बीच एस-9 कोच के यात्रियों को शौचालय के पास एक लाल रंग का झोला पड़ा दिखाई दिया। लावारिस झोला देखकर यात्री सहम गए। बम की आशंका से कोच में खलबली मच गई। यात्रियों ने इसकी सूचना कोच के कंडक्टर को दी। कंडक्टर ने भी शौचालय के पास आकर थैला देखा तो उसके भी पसीने छूट गए। उसने फौरन इसकी सूचना कंट्रोल को दी। कंट्रोल ने प्रतापगढ़ आरपीएफ और जीआरपी को मैसेज पास कर पूरी ट्रेन चेक करने का निर्देश दिया। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी के लोग भागते हुए प्लेटफार्म दो पर पहुंचे।

 ट्रेन के रुकते ही पुलिस वाले एस-9 कोच में घुस गए। शौचालय के पास उनको एक लाल रंग का लावारिस थैला मिला। डंडे से टटोलने के बाद थैले को टांगकर सिपाही कोच से बाहर निकल आए। प्लेटफार्म पर थैले की चेकिंग कराई गई। उसमें कूड़ा भरा मिला। इसकी सूचना कंट्रोल को दी गई। पुलिस के साथ ही रेलवे के अधिकारी संतुष्ट हो गए। तब जाकर ट्रेन को चलाया गया। एसओ जीआरपी वीके सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की सघन चेकिंग जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने की।
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इस दौरान एस-9 कोच में शौचालय के पास एक लावारिस झोला मिला। उसकी पड़ताल कराई गई तो पता चला कि उसमें कूड़ा-करकट भरा हुआ था। उन्होंने बताया कि देखने से लग रहा था कि यह किसी भिखारी का काम है। थैले में मिठाई, अगरबत्ती, बीड़ी, माचिस, लाल कपड़ा भरा था।

यह तो गनीमत थी कि ट्रेन में बम की जगह लावारिस थैला मिला। अगर सही में बम होता तो पुलिस के पास हाथ मलने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं था। पुलिस के पास तलाशी लेने के लिए सिर्फ डंडा ही है। जीआरपी और आरपीएफ के पास बम निरोधक दस्ता नहीं है। अगर जरूरत पड़ती है तो इलाहाबाद से दस्ता आता है। देश में जब आतंकी वारदातें पांव पसार रही हैं। उनके निशाने पर ट्रेन और स्टेशन हैं। ऐसे में जीआरपी और आरपीएफ के थानों पर बम निरोधक दस्ते के इंतजाम नहीं हैं। उसके इंतजार में घटनाएं हो सकती हैं।
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