स्थानीय बाजार में अधिकारियों की लापरवाही से आए दिन खाद्यान्न की कालाबाजारी की जा रही है। मंडी समिति से गेट पास नहीं बने होने के बावजूद खुले आम ट्रकों पर खाद्यान्न लादकर जिले से बाहर भेजा जा रहा है। मंगलवार को शिकायत पर एसडीएम ने खाद्यान्न लदी ट्रक को पुलिस से कब्जे में लेने को कहा है। मंडी निरीक्षक ने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
रानीगंज कैथौला की मंडी जिले की दूसरी सबसे बड़ी मंडी है। यहां इलाके के व्यापारी भारी मात्रा में खाद्यान्न बेचने आते हैं। यहां खरीदा गया खाद्यान्न खरीदने के लिए आसपास के जिले से व्यापारी आते हैं। इसके लिए प्रशासन ने रानीगंज मंडी में एक निरीक्षक नियुक्त किया है। निरीक्षक व्यापारियों द्वारा खरीदे गए राशन की रसीद काटता है। थोक व्यापारी यहां से जितना खाद्यान्न खरीदते हैं उसका टैक्स जमा करने के बाद मंडी निरीक्षक ट्रकों को बाहर भेजने के लिए गेट पास बनाता है। लेकिन यहां के व्यवसाई मंडी निरीक्षक की गैर मौजूदगी में बिना टैक्स दिए हजारों कुंतल खाद्यान्न प्रतिदिन ट्रकों पर लादकर कालाबाजारी के लिए आसपास के जिलों में ले जाते हैं। मंडी मे थोक व्यापारियों के टैक्स चोरी करने से राजस्व का भी भारी नुकसान होता है।
प्रतिदिन यहां मंडी निरीक्षक को मौजूद रहकर थोक व्यवसाईयों द्वारा खरीदे गए खाद्यान्न की रसीद की जांच करनी चाहिए। लेकिन निरीक्षक के नदारद रहने से यहां धड़ल्ले से खाद्यान्न की कालाबाजारी हो रही है। बेचे जा रहे खाद्यान्न लदी ट्रकों का गेट पास बनना तो दूर की बात है। हजारों बोरी खाद्यान्न की रसीद तक नही काटी जा रही है। मंगलवार को इसकी जानकारी स्थानीय लोगों ने एसडीएम वाईबी सिंह को दे दी।
उन्होने पुलिस भेजकर ट्रक को रोकवा दिया। उनसे कागजात व स्टाक रजिस्टर मांगा गया लेकिन देर शाम तक एसडीएम को पास नही पहुंच सका। इस बावत मंडी निरीक्षक विजय शंकर मिश्र का कहना है कि जनवरी माह में किभी भी वाहन का गेट पास जारी नही किया गया है। यदि व्यापारी बिना रसीद कटाए खाद्यान्न बेच रहे हैं तो यह पूरी तरह से गलत है। जांच के बाद खाद्यान्न कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।