फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आबकारी और कोतवाली पुलिस आमने-सामने

Mon, 04 Jan 2016 11:18 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
 चिलबिला रेलवे क्रासिंग पावर हाउस के करीब बरामद देसी शराब को लेकर कोतवाली पुलिस और आबकारी विभाग आमने-सामने हो गए हैं। कोतवाल ने पत्र भेजकर शराब से संबंधित रिपोर्ट मांगी है। जबकि दिनभर कोतवाली में जमे आबकारी निरीक्षक पुलिस को सही जवाब भी नहीं दे सके।
विज्ञापन


चिलबिला पावर हाउस के करीब रविवार की सुबह पिकअप पलट गई। जिसमे लदी शराब दूर तक बिखर गई थी। शराब की जमकर लूटपाट हुई। राहगीरों के अलावा पुलिस विभाग के लोग भी शराब की बोतलों को उठा ले गए। बाद में 26 सौ शीशी शराब और वाहन पुलिस कोतवाली उठा लाई। मौके पर आबकारी विभाग के सदर निरीक्षक राजेश तिवारी भी पहुंचे। आबकारी विभाग की एक कार में भी शराब की पेटियां लादी गईं, लेकिन वह रास्ते से ही गायब हो गईं। जिसकी चर्चा जोर शोर से है।

 पुलिस ने देर रात शराब लेकर जा रहे वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। कोतवाली में आबकारी विभाग के निरीक्षक छानबीन करते रहे, लेकिन पुलिस को शराब की बाबत सही जानकारी नहीं दे सके। इस मामले में सोमवार को नगर कोतवाल हरपाल सिंह ने सात बिंदुओं पर आबकारी विभाग को पत्र भेजकर शराब की बाबत जानकारी मांगी है। दूसरी ओर आबकारी विभाग का कहना है कि जब पुलिस ने अवैध शराब बरामद करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ही ली है तो सवाल पूछने का कोई हक ही नहीं बनता। शराब को लेकर कोतवाली पुलिस और आबकारी विभाग आमने- सामने हैं।
विज्ञापन


जिला आबकारी अधिकारी बच्चालाल सरकारी काम से जिले से बाहर हैं। सोमवार को शराब के सिलसिले में बताया कि वह पूरी तरह से अवैध है। यदि एक नंबर की शराब होती तो चालक व दूसरे लोग क्यों भागते। अपना कागजात लेकर पुलिस व आबकारी विभाग के सामने आते। अब यह तो जांच का विषय है कि शराब कहां से उठी थी और कहां जा रही थी। जिसका जवाब वाहन चालक ही दे सकता है। वह मंगलवार को आने के बाद मामले की विस्तार से जानकारी दे सकेंगे।

आबकारी निरीक्षक सदर राजेश तिवारी पर आखिर किसका दबाव है। रविवार को कोतवाली में मौजूद प्रभावशाली व्यक्ति के सामने वह इधर उधर की बातें करते रहे। वह सीधे तौर पर बरामद शराब को अवैध बताने से हिचकते रहे। सोमवार को भी उनसे बात करने के लिए कई बार प्रयास किया गया, लेकिन वे काल रिसीव करने से बचते रहे। चर्चा रही है कि शराब तस्करों का उन पर लगातार दबाव बन रहा था। इससे परेशान होकर वह कुछ भी बोलने के बजाय फोन रिसीव करना ही मुनासिब नहीं समझ रहे थे।

जिले में बदस्तूर जारी है अवैध शराब की बिक्री
जनपद में अवैध शराब की बिक्री बदस्तूर जारी है। हरियाणा व अरुणाचल प्रदेश की शराब का काला कारोबार काफी दिनों से चल रहा है। अब देसी शराब भी नकली बनाकर बेची जा रही है। आबकारी विभाग के रहमो करम पर यह धंधा जोर शोर से संचालित हो रहा है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें