ट्रांसफार्मर ढोने से परेशान किसानों के लिए अच्छी खबर है। ट्रांसफार्मर के लिए उनको स्टोर का चक्कर लगाने और साधन करने के लिए अधिकारियों के दलालों की जरूरत नहीं हैं। सूचना मिलने के बाद अपने साधन से किसानों के घर तक ट्रांसफार्मर पहुंचाने की जिम्मेदारी शासन ने बिजली विभाग को दी है। ऐसा न करने वाले एक्सईएन और एसडीओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश एमडी पावर कारपोरेशन ने दिया है। यह सुविधा निजी नलकूप के किसानों के लिए नहीं हैं।
किसानों को ट्रांसफार्मर ले जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसके लिए किसानों को अपना साधन करके आना पड़ता है। स्टोर के चक्कर कई बार लगाने पड़ते हैं। जब जाकर कहीं ट्रांसफार्मर मिलता है। स्टोर पर किसानों का शोषण भी बहुत होता है। ट्रांसफार्मर और साधन के नाम पर उनसे जमकर वसूली होती है। चिलबिला पावर स्टोर पर इस तरह के मामले आए दिन देखने को मिलते हैं। वसूली के काम के लिए कर्मचारियों ने बकायदा दलाल पाल रखे हैं। किसान आए दिन इसकी शिकायत विभाग से करते हैं। मगर इसमें सुधार नहीं आ रहा है। शनिवार को राजस्व समीक्षा की बैठक करने आए मुख्य अभियंता एससी पांडेय ने कहा कि किसानों की प्राथमिकता मुख्यमंत्री के विशेष प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में हैं।
उन्होंने कहा कि उनके विभाग के पास प्रचुर संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं।यदि कहीं से ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना प्राप्त होगी तो उसे प्राथमिकता के आधार पर अविलंब बदला जाएगा। किसानों को ट्रांसफार्मर स्टोर से ले जाने के लिए जरूरत भी नहीं होगी। विभागीय ठेकेदार स्वत: ट्रांसफार्मर को ले जाकर बदलेगा। किसानों को परेशान होनी की जरूरत नहीं होगी। इसके बाद भी अगर किसानों का शोषण किया गया तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य अभियंता ने इस बारे में सीडीओ को भी अवगत करा दिया है।