जिले में आए नेताओं, मंत्रियों और विधायकों ने कई बड़ी-बड़ी घोषणाएं कीं। यहां तक कई कामों के लिए बाकायदा शिलान्यास और भूमि पूजन तक हो गया, लेकिन काम अब तक नहीं हो सका है। ‘अमर उजाला’ जिले के कुछ ऐेसे ही मामलों को उठाने जा रहा है जहां शिलान्यास के सालों बाद भी काम नहीं हो सका। पहले दिन जानिए शहर में शिलान्यास के बाद भी हाईवे पर डिवाइडर न बनने का मामला।
साल बीतने को है, मगर अभी तक शहर के बीच हाईवे पर डिवाडर नहीं बन सका। इसका खामियाजा शहरियों को भुगतना पड़ रहा है। लोग आए दिन सड़क हादसे के शिकार भी हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेस सरकार के केंद्रीय राज्य भूतल परिवहन मंत्री ने चिलबिला की जनसभा में चौक घंटाघर से लेकर जोगापुर तक हाईवे पर डिवाइडर बनाने की घोषणा की थी। मगर उसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। अगर डिवाइडर बन जाता तो इससे आए दिन होने वाले सड़क हादसों पर नियंत्रण हो जाता। मंत्री की घोषणा के बाद एक शिलापट्ट भी चिलबिला केबिन के पीछे वाले मैदान में लगाया गया था।
मगर अब वह शिलापट्ट भी धराशायी हो चुका है। इस बारे में कांग्रेसजनों का कहना है कि डिवाइडर की जानकारी उनको नहीं है। चिलबिला ब्रिज और सड़क चौड़ीकरण की घोषणा के बारे में जानकारी है। युवा कांग्रेस नेता नीरज त्रिपाठी का कहना है कि केंद्रीय राज्य भूतल परिवहन मंत्री चिलबिला में आए थे। उन्होंने बकायदा हाईवे के चौड़ीकरण और बाईपास के बारे में कहा था। डिवाइडर उनके एजेंडे में नहीं था। एक्सईएन एनएच धर्मवीर सिंह का कहना है कि डिवाइडर बनेगा, मगर यह बाईपास बनने के बाद ही संभव है। उन्होंने बताया कि बाईपास के बाद शहर की सड़क राज्य सरकार को हैंडओवर कर दी जाएगी। डिवाइडर की घोषणा के मूर्त रूप न लेने से शहर में ट्रैफिक की व्यवस्था एकदम चौपट हो गई है।