कंधई क्षेत्र में रविवार को एक छात्रा अरहर के खेत में बेहोश पाई गई। इसकी जानकारी होने पर हड़कंप मच गया। उसके हाथ और पैर बंधे था। मुंह में कपड़ा भरा था। घटना की जानकारी होने पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। ग्रामीणों ने उसकी शिनाख्त करने के बाद परिवारीजनों को खबर दी।
कंधई थाना क्षेत्र के लालधर पट्टी निवासी प्राची वर्मा (15) पुत्री प्रदीप वर्मा कक्षा दस की छात्रा है। वह घर पर मां के साथ रहती है। पिता रोजी-रोटी के सिलसिले से परदेस गया है। रविवार की सुबह वह साइकिल से गांव में स्थित कापी-किताब की दुकान पर पेंसिल खरीदने जा रही थी। रास्ते में कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। जब तक कुछ समझ पाती कि उसका मुंह दबाकर अरहर के खेत में लेकर चले गए। उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और दोनों हाथ और पैर रस्सी से बांध कर वहीं फेंक दिया। इसके बाद उसकी साइकिल लेकर फरार हो गए।
गांव का ही बब्बा पांडेय अपना खेत देखने उस तरफ गया तो अरहर के खेत में वह उसे बेहोश मिली। इस पर वह शोर मचाने लगा। इस बीच तमाम लोग पहुंच गए। किशोरी के मुंह से कपड़ा निकाला गया। ग्रामीणों ने उसकी पहचान प्राची वर्मा के रूप में की और उसकी मां को घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों की सूचना पर दीवानगंज चौकी इंचार्ज पियूष मौके पर पहुंचे और उसे बेलखरनाथ स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया।
हालत नाजुक देखकर उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्राची की मां नीशा पटेल ने बताया कि उसका पड़ोसी से विवाद चल रहा है। आए दिन पड़ोसी रात में घर पर ईंट-पत्थर फेंक ते हैं। जानलेवा धमकी देते हैं। शिकायत के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। वह पड़ोसियों से मिली हुई है। चौकी इंचार्ज पियूष पांडेय ने बताया कि किशोरी की हालत में सुधार होने के बाद उसके बयान पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।