जिले के 1255 ग्राम प्रधानों की बंद किस्मत का बाक्स रविवार को खुल जाएगा। सुबह सात बजे से प्रारंभ होने वाली मतगणना में 721 बूथों की गणना एक साथ होगी। मतगणना स्थल पर व्यापक सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। 17 मतगणना स्थलों पर पीएसी और पुलिस की तैनाती की गई है। इधर जिला प्रशासन ने निष्पक्ष मतगणना कराने के लिए एक-एक और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। इस प्रकार प्रत्येक मतगणना केंद्रों पर दो-दो मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे।
जिले के 17 ब्लाकों की मतगणना सुबह सात बजे से कार्य की समाप्ति तक होगी। अराजक तत्वों से निपटने के लिए जहां भारी संख्या में फोर्स की तैनाती की गई है, वहीं प्रत्येक मतगणना स्थल पर दो-दो मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। पूर्व में मतगणना स्थल पर एक-एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी, मगर नवागत डीएम के निर्देश पर सभी गणना केंद्रों पर दो-दो मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। इसके अलावा जोनल मजिस्ट्रेट भ्रमणकर मतगणना स्थल का जायजा लेते रहेंगे।
प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए होने वाली मतगणना का परिणाम जल्दी आने के लिए मतगणना स्थलों पर अधिक-अधिक टेबिल लगाई गई है। जिला प्रशासन की जो रणनीति है, उसके मुताबिक पहले चरण में 721 बूथों का बख्शा खुलेगा। इससे जो छोटी ग्राम पंचायतें हैं, उनका रिजल्ट दो घंटे बाद आ जाएगा। इस प्रकार से शाम होते-होते अधिक से अधिक गांवों की गणना पूरी हो जाएगी।
जिस ब्लाक में ग्राम पंचायतें अधिक होंगी, वहां का परिणाम आने में तो देरी हो सकती है, मगर जिस ब्लाक में ग्राम पंचायतों की संख्या कम है, उसकी गणना जल्दी खत्म हो जाएगी। मतगणना स्थल पर अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए पुलिस के जवानों को निर्देश दिया गया है कि दो सौ मीटर की दूरी में कोई भी व्यक्ति नजर नहीं आना चाहिए। मतगणना प्रभारी सीआरओ रामसिंह वर्मा ने बताया कि चुनाव आयोग का सख्त आदेश है कि मतगणना में अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करने वाले अफसरों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।