गुरुवार को घने कोहरे को चीरती हुई धूप तो निकली, मगर ठंड से कोई राहत नहीं मिली। शाम से ही छाने वाले घने कोहरे ने बस और ट्रेनों की रफ्तार रोक दी। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह छाया घना कोहरा बच्चों और राहगीरों के लिए मुसीबत बना रहा। हालांकि ग्यारह बजे तक धूप निकलने से आम लोगों ने राहत महसूस की।
घने कोहरे और गलन भरी ठंड से लोगों को निजात नहीं मिल रही है। गुरुवार को भी घना कोहरा छाया रहा। इससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह इतना घना कोहरा था कि दस फिट की दूरी तक भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। कोहरे के बीच से बर्फ की तरह टपकने वाली बूंदे बाइक और साइकिल से चलने वाले राहगीरों को भिगोने के लिए काफी थी। घने कोहरे से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा।
तीन दिन के बाद दोपहर में निकली धूप का आनंद लोगों ने खूब लिया। घर की छतों पर महिलाओं और बच्चों ने आनन्द लिया तो कर्मचारी कार्यालय के बाहर बैठकर चुनावी परिदृश्य पर ठहाका लगाते रहे। गुुरुवार को न्यूनतम और अधिकतम तापमान बुधवार की अपेक्षा अधिक रहा, लेकिन ठंड में कमी नहीं हुई। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि कोहरे का दौर अभी जारी रहेगा और आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और बिगड़ सकता है।