मंगलवार को छाए घने कोहरे के बीच शीतलहर ने लोगों को कंपाना शुरू कर दिया है। अधिकतम तापमान में गिरावट आने से गलन बढ़ गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 7.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।
समय से पहले पड़ने वाली ठंड ने मंगलवार को आम लोगों को हिलाकर रख दिया। रात में ही कोहरे की चादर तन गई थी। सुबह ठंड भी बढ़ी थी। हालत यह रही कि सुबह दस बजे तक वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ रहा था।
दृश्यता काफी कम थी। सुबह लोगों की नींद खुली तो घना कोहरा छाया हुआ था। सोमवार की तरह मंगलवार को भी लोग ग्यारह बजे तक मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे थे, मगर दिनभर धुंध छाई रही। दोपहर बाद शुरू हुई शीतलहर ने बच्चों और बूढ़ों को ऊनी कपड़ों में लिपटने को बाध्य कर दिया। मंगलवार को कोहरे की चादर तनी होने के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह घना कोहरा छाए रहने रहने बसों और रेलगाड़ियों का भी संचालन प्रभावित रहा। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि शीतलहर के और बढ़ने की संभावना है। अगर हवाओं का दबाव बना तो शीतलहर जानलेवा साबित हो सकती है।
मंगलवार को ठंड बढ़ते ही स्वेटर और जैकेट की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ गई। दोपहर से शाम तक ग्राहक अपनी पसंद के गर्म कपड़े खरीदते रहे। मौसम का मिजाज देखकर दुकानदारों ने भी भाव बढ़ा दिए हैं।