सोमवार को कोहरे की चादर ओढ़कर सर्दी ने दस्तक दे दी। पहली बार सुबह के वक्त लोगों को ठंडी का एहसास हुआ। अचानक आलमारी बक्सों में रखे गर्म कपड़े बाहर निकल गए। अभी तक हाफ स्वेटर में घूमने वाले लोग सोमवार को ऊनी कपड़ों में लिपटे रहे। घना कोहरा छाया होने से राहगीरों को सुबह दस बजे तक लाइट जलाकर अपनी यात्रा पूरी करनी पड़ी।
सोमवार की सुबह छाए घने कोहरे के साथ ठंड ने दस्तक दे दी। पहले ही दिन पड़े कोहरे से जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया। कोहरा इतना घना था कि दस फिट का रास्ता भी नहीं दिखाई पड़ रहा था। सुबह दस बजे तक स्कूल और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए दो और चार पहिया वाहन लाइट जलाकर चल रहे थे। शहर और ग्रामीण इलाकों में घने कोहरे से वाहनों की हुई सीधी टक्कर में दो लोगों की जान भी चली गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सोमवार को न्यूनतम तापमान घटकर 11.0 पर आ गया, जबकि अधिकतम तापमान 26.2 पर रिकार्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना की मानें तो बेसमय हुई बरसात से समय से पहले कोहरा पड़ना प्रारंभ हो गया है। उन्होंने बताया कि सामान्यतया 10 दिसंबर के बाद से कोहरा और कड़ाके की ठंड का दौर प्रारंभ होता है। मगर इस वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में हुई बरसात से सर्दी और कोहरे ने दस्तक दे दी है। वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में और ठंड बढ़ने की संभावना जताई है।