पुरुषों की बराबरी करने वाली महिलाएं अब चुनाव में बूथ पर भी मोर्चा संभालने लगी हैं। शनिवार को लालगंज इलाके के रामगंज भोजपुर बूथ पर एजेंट बनकर बहू के लिए सास और ननद आखिरी क्षण तक जूझती रहीं।
लालगंज इलाके के प्राइमरी स्कूल रामगंज भोजपुर में शनिवार को प्रधान पद के लिए हुए मतदान में बहू के लिए सास और ननद ने अभिकर्ता बनकर न सिर्फ फर्ज अदायगी की, बल्कि एक भी फर्जी मतदान नहीं होने दिया। भोजपुर गांव में प्रधान पद की आठ महिला प्रत्याशी थीं, मगर उनमें सुनीता तिवारी की अभिकर्ता उनकी सास विट्टन तिवारी और ननद शिखा तिवारी बनी हुई थीं।
पूरे चुनाव में यह पहला वाकया देखने को मिला, जब महिला बूथ पर एजेंट के रूप में तैनात रहकर पूरी तरह तटस्थ मिली। बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे एडीएम पुनीत शुक्ला से उनकी कुछ नोकझोंक भी हुई। उनके हर सवाल का जवाब देने वाली विट्टन और शिखा अंतिम समय तक एक-एक वोट के लिए संघर्ष करती रहीं। बूथ पर महिलाओं को आते देख आगे बढ़कर उनका हाल-चाल पूछतीं और बहू के लिए वोट मांगना नहीं भूलती थीं।
दोपहर में भूख लगने के बाद वह घर जाने के बजाय बूथ पर ही लाई-चना खाती दिखीं। फिलहाल मतदान केंद्र पर आने वाले अधिकारी और पुलिसकर्मी मां-बेटी को देखकर उनसे यह अवश्य पूछते कि आप कैसे खड़ी हैं, मगर जवाब मिलते ही वह आश्चर्य भरी नजरों से देखने लगते थे।