रामपुर संग्रामगढ़ विकासखंड के नेवादा कला में दबंगों ने जमकर कहर बरपाया। तोड़फोड़ करने के साथ ही मतपेटिका उठा ले गए। मतपत्रों को फाड़कर फेंक दिया। सुरक्षा के लिए मौजूद सिपाहियों के साथ मारपीट की। करीब दस मिनट तक तांडव मचाने के बाद लोग भाग निकले। मौके पर पहुुंचे एसओ मामले की छानबीन करने के बाद लौट गए। घटना की जानकारी के बाद भी आला अधिकारी मौके पर पहुंचना मुनासिब नहीं समझे।
नेवादा कला में शनिवार को समय पर मतदान प्रारंभ हुआ। कुल छह प्रत्याशी मैदान में थे। 1257 मतदाताओं वाले मतदेयस्थल पर पीठासीन अधिकारी अवधेश कुमार पांडेय की देखरेख में मतदान हो रहा था। सुरक्षा के लिए आरक्षी सुदीप कुमार और उदयवीर सिंह मौजूद थे। प्रत्याशी विनोद कुमार समेत अन्य प्रत्याशियों का आरोप था कि दोपहर साढ़े बारह बजे प्रधान पद के एक उम्मीदवार के पक्ष में मानिकपुर का एक युवक फर्जी पहचानपत्र लेकर मतदान करने पहुंचा। उसे देखते ही कुछ लोगों ने रोक लिया। युवक की पिटाई करने के बाद उसे मतदान केंद्र पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट सुरेश प्रसाद के हवाले कर दिया।
वह उसे जीप में बैठाकर पूछताछ करने लगे। कुछ देर में सैकड़ों लोगों की भीड़ मतदान केंद्र पर पहुंच गई। जब तक आरक्षी मामले को समझते उससे पहले ही बेकाबू लोग मतदेय स्थल पर पहुंचकर गालीगलौज करने लगे। सिपाहियों ने भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे किसी की सुनने को तैयार नहीं थे।
बूथ कैप्चरिंग की आशंका को देखते हुए मतदानकर्मियों ने कक्ष का दरवाजा बंद कर लिया, लेकिन लोगों ने धक्का मारकर दरवाजा खोल लिया। जैसे ही वे मतपेटिका उठाने के लिए लपके तो सिपारी बीच में आ गए। इसके बाद लोगों की भीड़ ने लात-घूसों से उन्हें पीट दिया। इससे भयभीत मतदानकर्मी और सिपाही भी अपनी जान बचाने के लिए दूर खड़े हो गए। लोगों ने मतपेटिका की सील तोड़कर मतपत्र फाड़ डाले और उसे दूर ले जाकर फेंक दिया। करीब दस मिनट तक दबंगों का तांडव जारी रहा। हिरासत में लिए गए युवक को जबरन भीड़ छुड़ा ले गई।
पुलिसकर्मी और सेक्टर मजिस्ट्रेट असहाय दिखे। घटना की जानकारी मिलने पर एसओ सभाजीत मिश्रा व कलस्टर मोबाइल भागकर मौके पर पहुंची। पुलिस को आते देख सभी भाग निकले। एसओ ने मतदानकर्मियों व सिपाहियों से पूछताछ के बाद आला अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। प्रत्याशी विनोद कुमार समेत अन्य प्रत्याशियों ने दूसरे उम्मीदवार उमेश यादव द्वारा फर्जी मतदान कराने का आरोप लगाया। तीन बजे के बाद अधिकारियों से अनुमति लेकर मतदानकर्मी सामान समेटकर चले गए। घटना के दो घंटे बाद भी आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।