प्रतापगढ़। गाजियाबाद के जीजीआईसी में आयोजित 43 वीं जवाहर लाल नेहरू राज्य स्तरीय विज्ञान, गणित एवं पर्यावरण प्रदर्शनी 2015 में अव्वल रहे जिले के चार बाल वैज्ञानिकों का चयन राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी की टीम में हो गया है। चयनित छोटे साइंटिस्टों में तीन रीवर डेल पब्लिक स्कूल और एक छात्रा जीजीआईसी की है। इनके चयन से स्कूलों और घरों में खुशी का माहौल है। शिक्षक और अभिभावक गदगद हैं। राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन दिसंबर महीने में नई दिल्ली में किया गया है। वहां चारों बाल विज्ञानी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने जाएंगे।
जिले में प्रतिभाआें की कोई कमी नहीं हैं। बस उनको मंच की जरूरत है। इसे सच कर दिखाया है जिले के चार नन्हें बाल वैज्ञानिकों ने। गाजियाबाद में आयोजित राज्य बाल विज्ञानी प्रदर्शनी में भाग लेने गई इलाहाबाद मंडल की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त करके चल वैजयंती शील्ड पर कब्जा कर लिया। टीम में शामिल जिले के चार बच्चों ने अपनी मेहनत के बल पर न केवल जिले का नाम रोशन किया बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने में भी कामयाब रहे।
स्टेट जूनियर वर्ग की मॉडल प्रदर्शनी में बाजी मारने वालों में प्रतापगढ़ शहर के रीवर डेल पब्लिक स्कूल के कक्षा आठ के छात्र आयुष सिंह, सांभवी पांडेय और सात के मोहम्मद फैसल और सीनियर वर्ग में जीजीआईसी की छात्रा तस्नीम बानो का नाम शामिल है। इनका चयन दिसंबर माह में नई दिल्ली के प्रगति मैदान में होने वाली राष्ट्रीय बाल विज्ञानी प्रदर्शनी की टीम में हो गया है। टॉप वैज्ञानिकों की श्रेणी में शामिल इन बच्चों को स्कूल के साथ-साथ परिवार का साथ और हौसला मिला जिसकी वजह से ये मंडल, स्टेट में और अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने बनाने में कामयाब रहे। चयनित बाल वैज्ञानिकों को निदेशक राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद लखनऊ, राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान इलाहाबाद ने पुरस्कार से सम्मानित किया। चयन से स्कूलों में जशभन का माहौल है।
शिक्षक और परिवारीजन अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। चयन से प्रसन्न रीवर डेल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक इमरान खां का कहना है कि ये सब बच्चों की मेहनत और लगन का नतीजा है। बच्चों ने पूरे देश में नाम रोशन किया है। इसके लिए इनके अभिभावक भी बधाई के पात्र हैं। जीआईसी के शिक्षक अनीस प्रतापगढ़ी और तिलक इंटर कालेज के शिक्षक संतोष पांडेय का कहना है कि बच्चों ने देश में जिले का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर डीआईओएस, जीजीआईसी की प्रिसिंपल ने प्रसन्नता जताई है।