कुंडा। फसलों के कटने का समय शुरू होते ही किसानों की मौतों का सिलसिला शुरू हो गया है। फसल कटने के बाद उसका वजन देखते ही किसानों को रोना आ रहा है। पानी की कमी के कारण धान की फसल नाममात्र की ही दिख रही है। ऐसे में किसानों के सामने उसकी लागत निकल पाने की भी समस्या खड़ी हो गई है। गुरुवार को खेत से धान काटकर लौटे एक और किसान की सदमे से मौत हो गई। इससे परिजनों में चीखपुकार मच गई।
कोतवाली क्षेत्र के मोहद्दीनगर निवासी हरिश्चंद्र पटेल (50) खेत में धान की कटाई करने गया था। लौटा तो परिजनों से फसल खराब होने के बारे में चर्चा करने लगा। थोड़ी देर बाद ही उसकी हालत खराब हो गई और वह बेहोश हो गया। जब तक परिजन उसे अस्पताल ले जाते उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि उसकी मौत फसल खराब होने के कारण सदमे से हुई है। इसकी सूचना परिजनों ने तहसील कर्मियों को दी। बावजूद इसके देर शाम तक कोई भी उसके घर नहीं पहुंचा था।