पट्टी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्श भाई भरत के गले मिलने के साथ ही दर्शकों द्वारा पुष्प वर्षा के साथ जयघोष किया गया। इसी के साथ पट्टी के तीन दिवसीय ऐतिहासिक दशहरे मेले का औपचारिक समापन हो गया। इससे पहले मंच पर पूर्व मंत्री मोती सिंह समेत तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भगवान राम की आरती उतारी गई।
नगर मुख्यालय पर लगने वाले ऐतिहासिक दशहरे मेले का भरत मिलाप देखने को आसपास के गांव व जनपदों से हजारों की तादाद में दर्शक नगर मुख्यालय पर आए। इस मौके पर राम दल, भरत दल, कृष्णा दल, हनुमान दल, शिव दल, व जय संतोषी मंडल नामक चौकियां आयोजकों द्वारा नगर में निकाली गई। इन चौकियों को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बैंडबाजों व डीजे की धुन पर थिरकते युवा रात भर इन चौकियों के साथ नगर की सड़कों पर भ्रमण के पश्चात बुधवार की सुबह भरत मिलाप स्थल पर एकत्र हुए।
जहां राम लीला समिति ने सभी चौकियों पर आए कलाकारों को अपनी कलाओं के प्रर्दशन का मौका दिया। इसके बाद भरत मिलाप संपन्न कराया गया। इस मौके पर पूर्व मंत्री मोती सिंह ने कहा कि पट्टी के नागरिकों ने इस मेले की गौरवशाली परंपरा को जिस तरह से आगे बढ़ाया वह बधाई के पात्र है। नगर मुख्यालय पर लगने वाले मेले को हजारों की भीड़ के बाद भी इस तरह का कुशल संचालन कम ही देखने को मिलता है।
उन्होंने रामलीला समिति द्वारा मेले के लिए अतिरिक्त बिजली की मांग को पूरा करते हुए मेले के लिए मिले नए रोस्टर से दर्शकों को अवगत कराया। इस मौके पर एसडीएम पटटी कपिल देव यादव, सीओ जितेंद्र श्रीवास्तव, तहसीलदार महेंद्र कुमार, ने भी दर्शकों को संबोधित किया और मेले में आई प्रशासनिक त्रुटियों को स्वीकार करते हुए आगे सुधार की बात कही। भरत मिलाप के मौके पर एसडीओ विद्युत छोटेलाल आनंद, सब रजिस्ट्रार कृपा शंकर, नायब तहसीलदार कीर्ति चौधरी, अध्यक्ष केशव प्रसाद, प्रबंधक कमला कांत , लालचंद, पवन खंडेलवाल, समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री कृष्ण कुमार शुक्ल द्वारा किया गया।