आसमान की ओर ताकने वाले किसानों ने बुधवार को राहत की सांस ली। सुबह से ही आसमान में छाए बादलों ने दोपहर बाद रिमझिम बरसात कर किसानों के लिए रबी की बुवाई का रास्ता आसान कर दिया। बुधवार को आसमान से टपकी पानी की बूंदे किसानों के लिए सोना मानी जा रही हैं।
बुधवार को अचानक मौसम में आए बदलाव से जिले के कुंडा, पट्टी, लालगंज और रानीगंज तहसीलों में रिमझिम बरसात हुई। यह बरसात उन किसानों के लिए सोना मानी जा रही है जो खेतों से नमी गायब होने के कारण दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे थे। शहर में बरसात होने से राहगीरों ने फुहारों का आनंद उठाया। बुधवार की देर शाम तक रिमझिम बरसात का सिलसिला जारी रहा।
जिला कृषि अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि इस बरसात से खेतों से गायब नमी वापस आ गई है। इससे किसान चना, मटर, आलू, सरसों की बुवाई कर सकते हैं। अगर अगले एक दो दिन भी बरसात हुई तो किसानों को गेहूं बोने के लिए भी खेतों में सिंचाई की जरुरत नहीं होगी। सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि गुरुवार को भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बरसात हो सकती है।