गुरुवार को दिनभर आसमान में बादलों का डेरा रहा। इसकी की वजह से उमस बढ़ गई। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। शाम को अचानक आंधी चलने लगी। इससे लोग परेशान हो गए। पलभर में ही लोग धूप से सन गए। राहगीर जहां तहां खड़े हो गए। आंधी के बाद भी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली। बिजली की आवाजाही से लोग और भी परेशान रहे।
सारा दिन बादल छाए रहे और धूप का असर कम रहा। मगर बादलों की वजह से आद्रता बढ़ने के कारण उमस भरी गर्मी शुरू हो गई। इससे लोग परेशान रहे।
बदन का पसीना कूलर और पंखे के नीचे भी नहीं सूख रहा था। ऐसी स्थिति में लोग गर्मी को कोसते रहे। दोपहर बाद मौसम और खराब हो गया। करीब तीन बजे आंधी चलने लगी। आंधी की वजह से उड़ी धूल ने लोगों को परेशान करके रख दिया। हवा में उड़ रही धूल यात्रियों की आंख में समाने लगी। जिससे जो राहगीर जहां थे वहीं सुरक्षित जगह देख रुक गए। जिन घरों की खिड़कियां खुली थ्रीं उनके कमरों में धूल भर गई। करीब बीस मिनट तक हवाएं चलतीं रहीं। हवा देख तार टूटने के भय से बिजली आपूर्ति काट दी गई। आंधी समाप्त हुई तो भी करीब आधे घंटे तक सप्लाई नहीं मिली। सारा दिन वैसे भी बिजली की आवाजाही बनी रही।