शहर से सटे शुकुलपुर गांव में करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जा जमाने वाले भूमाफिया के आगे प्रशासन बौना साबित हो रहा है। इससे शिकायत करने वाले ग्रामीणों के हाथ निराशा लग रही है।
शुकुलपुर सदर तहसील और शहर से सटी हुई ग्रामपंचायत है। शहर से सटे होने के कारण गांव की जमीन शहर के रेट से बिकती है। भूमाफिया लेखपाल और अफसरों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की जमीन बेचकर मालामाल हो रहे हैं। आरोप है कि इसकी शिकायत अफसरों के पास आने के बाद वे किनारा काट लेते हैं। साकेत गर्ल्स पीजी डिग्री कालेज के पीछे से बहने वाला नाला पाटकर बेच दिया गया।
युवा कल्याण विभाग ने मिनी स्टेडियम बनाने के लिए सवा बीघे जमीन का चयन किया था, लेकिन भूमाफिया ने बोर्ड उखाड़कर जमीन के खरीदारों को अपनी बताकर दस लाख रुपये विस्वा में बेच दिया। इन दिनों पक्का निर्माण भी चल रहा है। सई नदी घाट तक ग्राम समाज की जमीन को भूमाफिया पैतृक जमीन बताकर मोटी रकम लेकर बेच रहे हैं। बताया जाता है कि सदर तहसील में कई वर्षों से जमे रहने वाले लेखपाल भी अपनी पत्नी और बेटे के नाम से प्रापर्टी डीलिंग का काम करते हैं।
ग्रामीणाें ने कई बार एसडीएम सदर से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग की, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। एसडीएम सदर जेपी मिश्र ने पंचायत चुनाव के बाद अभियान चलाकर अवैध कब्जा खाली कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने तालाब, नाला और ग्रामसमाज की जमीन पर अवैध कब्जा किया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।