मंगलवार को अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहरियों को दस घंटे तक बिजली नहीं मिल पाई। इससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली न होने के कारण जलनिगम के पंप भी नहीं चल पाए। इससे लोग पानी के लिए भी तरस गए। पानी न मिलने से नवरात्र पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतें आईं।
शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था नवरात्र के पहले दिन ही फेल हो गई। शहर में जर्जर तार बदलवाने के नाम पर सुबह सात बजे से बिजली की कटौती कर दी गई। उसके बाद रात आठ बजे तक भी लाइट नहीं आई। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। बिजली न आने से लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ा। लोग दोपहर बाद बिजली आने का इंतजार करते रहे, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। दरअसल, शहर में तार बदलने की प्रक्रिया चल रही है। यह काम कटौती के समय में किया जाता है।
मंगलवार को कटौती के समय में तार बदलने का काम पूरा नहीं हो सका। इसलिए आपूर्ति के टाइम में बिजली कटवाकर काम को पूरा किया गया। लोगों का कहना है कि अधिकारी मनमानी पर उतर आए हैं। जिस इलाके का तार बदलना है, वहां की कटौती की जानकारी अगर शहरियों को पहले से हो जाए तो यह दिक्कत नहीं आएगी। लोग पहले से तैयार रहेंगे। इस बारे में एसडीओ टाउन घनश्याम तिवारी ने बताया कि मालगोदाम साइड पर तार बदलवाया जा रहा है। इस दौरान एक लाइनमैन घायल हो गया। जिसके कारण काम रोकना पड़ा।