फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्री जी का है ये क्षेत्र, सड़क-पानी का सिस्टम फेल

Wed, 01 Apr 2015 11:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा की विधानसभा में भी विकास कार्यों का वीभत्स चेहरा आज तक नहीं चमक सका। हैरान व परेशान जनता विकास कार्यों की बदतर स्थिति से तंग है। हर जगह समस्याओं का अंबार है। लोगों का कहना है कि मंत्री होने के बाद भी वह क्षेत्र के लिए कुछ खास नहीं कर सके । सड़कों की हालत बेहद खराब है।
विज्ञापन


लोगों ने बताया कि शिवाकांत ओझा ने चुनाव के पहले एक हजार की आबादी वाले हर गांव में विद्युतीकरण, हर गांव को सीसी या डामर सड़क और पानी व बिजली, की किल्लत से निजात दिलाने का वादा किया था। यह भी कहा था कि जर्जर सड़कों को बनवाने के साथ युवाओं को रोजगार दिलाएंगे। वह चुनाव जीते और मंत्री भी बन गए, पर समस्याएं जस की तस हैं। लोग बताते हैं कि विधानसभा के जगतपुर से कैलीडीह, गाजीबाग से मुबारकपुर, सुल्तानपुर से दमदम, सुवंसा बाजार से नईकोठ, तारडीह से केवराकला, हरिपालमऊ से चांदपुर, मधवापुर से गीतानगर, रामापुर से मधवापुर, आमापुरबेर्रा से मधवापुर, गौरा से शहीद स्मारक कहला, खाखापुर से डिघवट, रानीगंज से देल्हूपुर व पट्टी, जामताली से नजियापुर, मऊडड़िया से दिंागंज, रानीगंज से शाहपुर, बीठलपुर से टोंडर, कौलापुर से तिवारीपुर, बीजेमऊ से जरियारी, जामताली से जगनीपुर सहित क्षेत्र के तमाम सम्पर्क मार्ग काफी जर्जर हैं। कुछ मार्गों पर एक-एक हाथ के गड्ढे तो कइयों की नुकीली उधड़ी हुई गिट्टियां यात्रियों के जान की दुश्मन बन गई है।

गौरा के धरी व बीरापुर बाजार की पानी टंकी को भी वे चालू नहीं करा सके। अधिकांश हैंडपंप खराब हैं। रानीगंज मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों को जाने के लिए प्राइवेट वाहन ही एक मात्र सहारा है। डीआरडीए रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2014-2015 में उनकी निधि में भी डेढ़ करोड़ रुपया आया। जिसमें वे एक करोड़ 32 लाख 40 हजार रुपया विकास पर खर्च किए। लेकिन विकास सिर्फ कागजों पर दिख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें