जिला सेवायोजन कार्यालय स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इस विभाग में कई पद खाली पड़े हैं। विभाग की ओर से पंजीकरण बंद हो जाने से लाखों की लागत से तैयार इस कार्र्यालय में अब बेरोजगारों की भीड़ भी नहीं दिखती है।
बेरोजगारों को रोजगार देने वाले जिला सेवायोजन कार्यालय में अब केवल बेरोजगारों का आनलाइन आवेदन पंजीकरण चेक किया जाता है। इसके अलावा इस विभाग में ओबीसी और एससी के छात्रों को टाइप, शार्ट हैंड व कंप्यूटर नि:शुल्क में सिखाया जाता है। मगर इन दिनों गर्मी तेज पड़ने के कारण बच्चों को छुट्टी दे दी गई है। विभाग में पांच पद खाली पड़े हैं। जो कर्मचारी हैं भी वे समय से दफ्तर नहीं आते हैं।
बुधवार को जिला सेवायोजन कार्यालय में चारों तरफ सन्नाटा पसरा था। कार्यालय खुला था। पंजीकरण कराने वाले बेरोजगारों की फाइल धूल फाक रही हैं। एक दो चैंबर छोड़ बाकी में ताला लटक रहा था। दूसरे मंजिल पर चल रहे टाइप सेंटर, शार्ट हैंड क्लास में एक शिक्षिका मिली। उसने बताया कि 50 बच्चों का दाखिला हुआ है। जून में अधिक गर्मी पड़ने के कारण उन्हें छुट्टी दे दी गई है। एक लिपिक भी मौजूद था। उसने बताया कि उसकी तैनाती इलाहाबाद में है। प्रतापगढ़ अटैच किया गया है। लिपिक होने के बाद भी उसे सहायक सांख्यकी के पद का जिम्मा दे दिया गया है। वह किसी तरह काम निपटा रहा है। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो इस समय नौ स्टाफ की तैनाती है। सहायक सेवायोजन अधिकारी, वरिष्ठ सहायक के दो पद, कनिष्ठ लिपिक एक पद व कंप्यूटर आपरेट के कई पद खाली पड़े हैं। मगर विभाग की ओर से भर्ती नहीं कराई जा रही है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है।