पुलिसकर्मियों ने अपने साहबों से कहा है कि उनके भी परिवार हैं और दूसरे कर्मचारियों की तरह उन्हें भी अवकाश मिलना चाहिए। 24 घंटे ड्यूटी के बाद भी उन्हें आठ घंटे का ही वेतन मिलता है। अपनी मांगों को लेकर पहली अक्तूबर को वर्ष 2011 बैच के पुलिसकर्मी भूख हड़ताल करने के साथ ही काला फीता बांधेंगे। वे फेसबुक और मोबाइल पर मैसेज भेजकर अपने साथियों को इसके लिए तैयार कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस अनुशासन के लिए जानी जाती है। अधिकारियों के आदेश का गर्मी, सर्दी, बरसात में भी पालन कराने के लिए पुलिसकर्मी 24 घंटे मुस्तैद रहते हैं। दूसरे राज्य कर्मचारियों की तरह साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिलता। उनसे 24 घंटे का कार्य लिया जाता है, लेकिन वेतन आठ घंटे का ही मिलता है। इन सब मांगों को लेकर वर्ष 2011 बैच के आरक्षी पहली अक्तूबर को विरोध जताएंगे। वे ड्यूटी पर रहेंगे और पूरी ईमानदारी के साथ काम करेंगे। बावजूद इसके मेस में खाना नहीं खाएंगे और दिन भर भूख हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए काला फीता भी बांधेंगे। पुलिसकर्मियों के आह्वान का असर यह दिख रहा है कि उनका साथ पुराने पुलिसकर्मी भी देने लगे हैं।
उनका कहना है कि साहब लोगों को तो सभी सुख सुविधाएं मिल ही जाती हैं। उनके परिवार को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वे परिवार के साथ एक दिन भी बेहतर तरीके से नहीं रह पाते। हमेशा अधिकारियों के आदेश का भय सताता रहता है। पुलिसकर्मियों के विरोध को देखते हुए एसपी ने खुफिया विभाग को अलर्ट किया है। इस बाबत एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों के विरोध की खबर मिली है। इसके लिए एलआईयू से रिपोर्ट मांगी गई है।