जिलाधिकारी अपने ही आदेश का पालन नहीं करवा पा रहे हैं। अतिक्रमण हटाओे अभियान बुरी तरह फेल हो गया है। अधिकारी एक कदम आगे तो चार कदम पीछे की राह पर चल रहे हैं। दुकानदारों को नोटिस देना तो दूर मुनादी की औपचारिकता भी पूरी नहीं हो पाई है। लालगंज में पखवारे भर पहले तहसील दिवस में मिलीं शिकायतों के बाद जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कस्बे की सड़कों और नालियों पर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण शीघ्र हटवाने का निर्देश दिया था। अतिक्रमण हटाओ अभियान के फुस्स होने की खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से छापी तो एसडीएम ने 22 सितंबर को प्रभारी निरीक्षक एसपी त्रिपाठी को पत्र लिखा।
इसमें मुनादी करवाकर सितंबर तक सड़कों से अतिक्रमण हटाने का वक्त दिया गया। 26 सितंबर से तहसील प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटवाए जाने की बात कही गई थी। एसडीएम ने कागजी खानापूर्ति की प्रतिलिपि उनके कार्यालय को प्रेषित करवा दी। निर्धारित तारीख बीते पांच दिन बीत गए, मगर आज तक प्रशासन का बुल्डोजर नजर नहीं आया। अतिक्रमण हटाओ अभियान पर अधिकारी एक कदम आगे चलने के बाद चार कदम पीछे चलने की राह पर हैं। नोटिस और कार्रवाई तो दूर कस्बे में मुनादी तक नहीं कराई गई।