जिले के हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर में दो मार्च 2013 को हुए तिहरे हत्याकांड को लेकर गुरुवार को सीबीआई कोर्ट लखनऊ के आदेश ने तूफान खड़ा कर दिया है। कुंडा से लेकर मुख्यालय तक हर ओर बस इसी को लेकर चर्चा होती रही। प्रदेश सरकार के खाद्य रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया को सीबीआई ने इस मामले में क्लीनचिट दी थी। बाद में पॉलीग्राफ टेस्ट में भी वह पास हो गए थे। इसके बाद सीबीआई कोर्ट के नए आदेश से जिले में हड़कंप का माहौल देखने को मिला।
हथिगंवा थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव में दो मार्च 2013 की रात ग्राम प्रधान नन्हें यादव (40) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे आक्रोशित लोगों ने हत्यारोपी कामता के घर को आग के हवाले कर दिया। नन्हें का शव घर पहुंचने पर लोग आक्रोशित होकर फायरिंग कर रहे थे और गुड्डू सिंह के घर पर हमला करने के लिए बेताब थे। एसओ हथिगवां मनोज शुक्ला दूसरी बस्ती को बचाने के लिए पुलिस जीप से प्रधान के घर से भागे। तभी मौके पर तत्कालीन सीओ कुंडा जियाउल हक, कुंडा कोतवाल सर्वेश मिश्र, एसएसआई विनय सिंह, गनर इमरान के साथ पहुंचे। आक्रोशित लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया।
लोगों की भीड़ ने सीओ को पीटना शुरू कर दिया। अचानक हुई फायरिंग में गोली लगने से सुरेश यादव की मौत हो गई। इसके लिए लोगों का गुस्सा सीओ पर उतरा और ग्रामीणों ने सीओ की पिटाई के बाद गोली मारकर हत्या कर दी। साथ गए पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए भाग निकले थे। मौके पर पहुंची कई थानों की फोर्स घटनास्थल पर जाने से कतराती रही। प्रभारी एसपी आशाराम यादव मौके पर पहुंचे। भारी संख्या में मौजूद पुलिसबल जब प्रधान नन्हें यादव के घर के करीब पहुंचा तो सीओ का शव पड़ा था और खेतों में पुलिसकर्मी दुबके हुए मिले थे। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
घटना को लेकर चार-चार मुकदमे दर्ज हुए थे। मृतक सीओ की पत्नी परवीन की तहरीर पर पुलिस ने प्रदेश सरकार के खाद्य रसद मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया, चेयरमैन गुलशन यादव समेत अन्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था। करीब छह महीने तक घटना की जांच करने के लिए सीबीआई ने कुंडा में डेरा डाले रखा। छानबीन के बाद सीबीआई ने राजाभैया, अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी समेत अन्य लोगों को क्लीन चिट दी थी। गुरुवार को जैसे ही सीबीआई कोर्ट के आदेश की खबर जनपद पहुंची, हड़कंप मच गया। सुरेश यादव की हत्या की साजिश रचने के मामले में राजाभैया, गोपालजी समेत पुलिसकर्मियों को तलब करने से समर्थकों में उदासी छा गई।