स्वास्थ्य विभाग अब हर महीने सुविधाओं के आधार पर एक रिपोर्ट कार्ड तैयार करेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर कमी पाए जाने पर स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिगड़ती स्वास्थ्य सुविधा पर निगरानी रखने के लिए प्रदेश सरकार ने सीएचसी, पीएचसी के साथ उपकेन्द्रों की हर महीने रिपोर्ट कार्ड तैयार करने का निर्णय लिया है। इससे जिले भर की स्वास्थ्य सुविधा की हकीकत परखी जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों को रिपोर्ट कार्ड में विभाग द्वारा मिल रहे स्वास्थ्य सेवा बजट, ओपीडी में मरीजों की संख्या, दवा की स्थिति, जननी सुरक्षा योजना की प्रगति समेत 28 बिंदुओं को भरना होगा।
इसके लिए विभाग की ओर से एक सॉफ्टवेयर भी तैयार किया गया है। इसका संचालन सीधे महानिदेशक चिकित्सक एवं स्वास्थ्य व महानिदेशक परिवार कल्याण करेंगे। साफ्टवेयर के क्रियान्वयन एवं संचालन के लिए राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी बनाया गया है। रिपोर्ट कार्ड में दर्ज होने वाले आंकड़ों को हर माह की 21 तारीख तक सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिपोर्ट तैयार करके मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के पास जमा करेंगे। इसके बाद सीएमओ 28 तारीख तक रिपोर्ट आनलाइन करेंगे। रिपोर्ट तैयार करने में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिस सीएचसी, पीएचसी में रिपोर्ट कार्ड के आधार पर खामियां पाई जाएंगी, वहां के प्रभारी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई होगी।