नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल भले ही आठ दिन बाद समाप्त हो गई, लेकिन शहर की सूरत बदल नहीं सकी। काफी पसीना बहाने के बाद भी गलियों में गंदगी का साम्राज्य कायम है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारी 2 सितंबर से हड़ताल पर थे। बुधवार को नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रशासक अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला ने सभासदों की सहमति पर उनकी मांगों को पूरा करने का प्रस्ताव पारित कर दिया।
इससे कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई। गुरुवार को सफाई कर्मचारी आठ दिन की गंदगी दूर करने के लिए पसीना बहाते रहे, लेकिन पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सके। मुख्य मार्गों की हालत में तो सुधार दिखा, लेकिन गलियों की दशा बदहाल दिखी। सफाई नायक अशोक कुमार की मानें तो आठ दिन की गंदगी दूर करने के लिए दो तीन दिन का समय तो लगेगा ही। देखना है कि सफाई कर्मचारी कितने दिनों बाद नगर की सूरत बदल पाएंगे।