मंगलवार को सुबह प्रतापगढ़ से कानपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस श्रीराजनगर और निगोहा रेलवे स्टेशन के बीच करीब दस इंच टूटी पटरी से गुजर गई। शुक्र था कि ट्रेन पटरी से नहीं उतरी। इंटरसिटी श्रीराजनगर रेलवे स्टेशन से छूट चुकी थी। निगोहा से पहले 183 के गेटमैन ने लाल झंडी दिखाकर चालक को खतरे से अवगत कराया। चालक राजीव सक्सेना ने सूझबूझ का परिचय दिया और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका, लेकिन तब तक चार बोगियां टूटी पटरी से पार हो चुकी थीं। उन्होंने इंजन से उतर देखा तो उनके होश उड़ गए। पटरी करीब दस इंच टूटी थी। उन्होंने इसकी सूचना कंट्रोल के अलावा रेल के अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे और बिना समय गवाएं आनन-फानन में फिश प्लेट कसकर ट्रेन को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। इसमें करीब पौन घंटा लग गया। पटरी टूटने की जानकारी यात्रियों को मिली तो वे बोगियों से उतर पड़े। चर्चा है कि एक बोगी का पहिया पटरी से उतर गया था, मगर चालक ने इससे इनकार किया है। ट्रेन में सफर कर रहे महुआर गांव के अजय तिवारी के अनुसार ट्रेन टूटी पटरी से गुजरी तो उस समय जोर का झटका लगा था। जिससे यात्री सीट से उछल पड़े। कुछ गिरे भी हालांकि किसी को चोट नहीं आई। बता दें कि इंटरसिटी डेली सुबह साढ़े चार बजे प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन से कानपुर के लिए छूटती है। इसमें प्रतापगढ़ के काफी यात्री रहते हैं।