तीन दिन से डेढ़ सौ से ज्यादा गांवों की बिजली गुल है। अभी तक इसे ठीक नहीं किया जा सका है। उपकेंद्र में आई खराबी के कारण समस्या बनी हुई है। शुक्रवार को हो-हल्ला मचने के बाद अधिकारियों ने एक इंजीनियर बुलाया। जिसने जांच करने के बाद बताया कि फीडर में कुछ खराबी है। फिलहाल, जल्दी बिजली ठीक होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
हथिगवां उपकेंद्र से जुड़े से 165 गांवों में तीन दिन से अंधेरा छाया हुआ है। बताते हैं कि फीडर में ही खराबी है, लेकिन कोई उसे समझ नहीं पा रहा है। समस्या यह है कि फीडर जला होता तो अब तक बदल जाता, लेकिन न तो वह जला हुआ है और न ही उसमें कोई बड़ी खराबी है।
उपकेंद्र के लोगों ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी तो इंजनियर ने फीडर को चेक किया। बावजूद इसके उसे अब तक किसी भी तरह से सुधारा नहीं जा सका है। बिजली न आने से गांव के लोग रात और दिन में गर्मी से परेशान हो गए हैं। यही नहीं, सिंचाई न हो पाने के कारण उरद और मूंग की खेती भी प्रभावित हो रही है। कुछ दिन पहले भी बिजली प्रभावित हो गई थी। इसके बाद थोड़ी बहुत मरम्मत के बाद फीडर चलने लगा था। क्षेत्र के राम प्रसाद मिश्रा, रजनीश पांडेय, डा.अशोक पांडेय, दिनेश मिश्रा, रामपक, मुन्ना मिश्रा, कृष्ण कुमार, पप्पू सरोज, दीनानाथ पांडेय, घनश्याम मिश्रा, धनंजय कुमार, जयकांत मिश्र, बेनी मिश्रा, ननके पाल, कल्लू पाल आदि ने जल्द ही बिजली ठीक कराए जाने की मांग की है।