प्रतापगढ़। पारम्परिक त्योहारों में अब विदेशी बाजार भी अपनी जगह तलाश रहा है। त्योहार में विदेशी सामानों का उपयोग स्टेटस सिंबल माना जा रहा है। इससे रक्षाबंधन भी इस बार अछूता नहीं रहेगा। मिठाई की दुकानों पर चॉकलेट ने अपनी जगह बनाई है। शहर में मिठाई के बड़े प्रतिष्ठानों पर कई कंपनियों के चॉकलेट भी मिलेंगे। जिससे मुंह मीठा कराकर बहनें अपने भाइयों की कलाई में रक्षा सूत्र बांधेंगी।
एक वक्त था जब मुंह मीठा करने के लिए गुड़ या चीनी का प्रयोग किया जाता था। इसके बाद हर त्योहार पर बाजार से मिठाइयां आ जाती हैं। रक्षाबंधन पर मिठाइयों से मुंह मीठा कराने की परम्परा में अब चॉकलेट भी शामिल हो रही है। होली में गुझिया के साथ, दीवाली में मिठाई के साथ, ईद पर सेंवई के साथ अब चॉकलेट को भी उपहार में देने की परम्परा चल पड़ी है। यही नहीं चॉकलेट कंपनियों ने भी लोगों के जेब के हिसाब से पैकेट तैयार करने शुरू किए हैं। बाजार में घर ले जाने के लिए अलग और उपहार में देने के लिए आकर्षक तरह से पैक किए गए चॉकलेट मिलते हैं।
रक्षाबंधन पर रक्षासूत्र बांधने के बाद हर बहन अपने भाई का मुंह जरूर मीठा कराती है। इससे हर घर में मिठाई भी पहुंचती है। इसके चलते अब मिठाई की दुकानों पर चॉकलेट के पैकेटबिकले लगे हैं। यही नहीं उपहार अगर किसी के हाथ भेजना है, तो उसमें मिठाई की जगह पर चॉकलेट ही भेजा जा रहा है। पिछले वर्ष तो यह चलन उच्च तबके तक ही सीमित था। इसमें आई तेजी को देखते हुए दुकानदार इस बार इसे व्यापक पैमाने पर तैयार कराए जाने की बात कह रहे हैं। दुकानदार विष्णु खण्डेलवाल की मानें तो लोग नई चीजों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।