बेसिक स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ दूध नहीं मिलेगा। ऐसा आदेश शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को दिया है। कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए भेजा गया आदेश पत्र सीडीओ कार्यायलय पहुंच गया है। एमडीएम बंटने के दो घंटे बाद बच्चों को उबला दूध दिए जाने की व्यवस्था लागू की गई है। इस आदेश को जारी करने के पीछे कई तरह के तर्क दिए गए हैं।
प्राथमिक स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की सेहत सुधारने के लिए सरकार ने हफ्ते में एक दिन उन्हें दूध देने की योजना शुरू की है। मध्याह्न भोजन की योजना पहले से ही चल रही है। एमडीएम के साथ ही स्कूलों में दूध बांटना शुरू हो गया। मगर सरकार का मानना है कि मध्याह्न भोजन के साथ बच्चों को दूध दिया जाना गलत है। दूध की वजह से बच्चे एमडीएम की पूरी डाइट नहीं खा पाते। क्योंकि उन्हें दूध भी पीना होता है। ऐसे में मध्याह्न भोजन बर्बाद होता है या फिर डाइट में कटौती कर ली जाती।
आशंका यह भी जताई गई कि एमडीएम खाने के तुरंत बाद बच्चे दूध नहीं पी पाते। इन तमाम स्थितियों पर गौर करते हुए सरकार ने अफसरों को निर्देश दिया है कि एमडीएम के साथ बच्चों को दूध नहीं दिया जाएगा। स्कूलों में योजना के तहत पहले एमडीएम परोसें, इसके दो घंटे बाद उबला हुआ दूध बच्चों को दिया जाए। इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के लिए पत्र सीडीओ दफ्तर भेजा गया है। पत्र बेसिक शिक्षा विभाग के लिए भी जारी हुआ है। प्रभारी सीडीओ ने इस पत्र को बीएसए के पास भेजते हुए अमल कराने का निर्देश दिया है।