धारूपुर गांव के प्रधानपति की हत्या के दूसरे दिन दोपहर बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था में शव को हजारों की भीड़ के बीच दफनाया गया। दिनभर रिश्तेदारों, करीबियों व परिचितों का घर पर तांता लगा रहा। मृतक के परिजनों के बिलखने के अलावा समूचे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। अनहोनी की आशंका को लेकर लोगों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था।
लालगंज कोवताली के धारूपुर जलेशरगंज की प्रधान सकीना बानो हैं। मंगलवार को प्रधानपति मो. शब्बीर की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद गांव में तनाव व हजारों की भीड़ देख पुलिस प्रशासन के होश उड़ गए। किसी तरह प्रधानपति के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पीएम के बाद परिजन शव लेकर मंगलवार को दोपहर बाद घर लौट आए। पुलिस प्रशासन को उम्मीद थी कि घटना के दिन ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा, मगर रिश्तेदारों व सगे संबंधियों के नहीं पहुंच पाने को देखते हुए घरवालों ने प्रधानपति के शव को दूसरे दिन दफन करने का निर्णय लिया गया। पुलिस व पीएसी की मौजूदगी में रातभर शव घर के सामने रखा गया। सुबह होते ही मृतक प्रधानपति के करीबियों, परिचितों व रिश्तेदारों का जलेशरगंज में तांता लग गया।
समूचे गांव में पसरा सन्नाटा रिश्तेदारों के पहुंचने पर परिजनों के विलाप के साथ टूट रहा था। दोपहर एक बजे तक सभी रिश्तेदार पहुंच गए तो हजारों की भीड़ के बीच प्रधानपति मो. शब्बीर का जनाजा कब्रिस्तान के लिए निकला। रास्ते में प्रधानपति के जनाजे को रामपुर बावली-डेरवा मार्ग पर रखकर नमाज अता की गई। इसके बाद एडीएम पुनीत शुक्ला व एएसपी दिनेश प्रताप सिंह, एसडीएम वाईबी सिंह, सीओ सीताराम, कोतवाल सुरेश त्रिपाठी के साथ कई थानों की फोर्स व पीएसी के साथ भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जनाजा 3 बजे कब्रिस्तान पहुंचा। शाम चार बजे प्रधानपति के शव को दफन कर दिया गया। शव के दफनाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। गांव में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए पीएसी और पुलिस बल की तैनाती कायम रखी गई है।