जिले के 2333 व्यापारियों को अब प्रतिमाह ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना होगा। वाणिज्य कर विभाग के नए शासनादेश ने 1583 व्यापारियों की परेशानी बढ़ा दी है। नए शासनादेश के तहत अब प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये तक का टर्न-ओवर करने वाले व्यापारियों को प्रतिमाह आनलाइन रिटर्न दाखिल करना आवश्यक कर दिया गया है। फिलहाल विभागीय अधिकारी इसे जीएसटी की तैयारी मान रहे हैं।
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) वस्तु एवं सेवा कर एक अप्रैल 2016 से प्रस्तावित है। जीएसटी लागू करने को लेकर केंद्र सरकार संसद में भले ही विपक्षियों का वार झेल रही हो, मगर विभागीय स्तर पर अपनी तैयारी तेज कर दी है। वाणिज्य कर विभाग ने एक नया सर्कुलर जारी कर प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये का टर्न-ओवर करने वाले व्यापारियों के लिए प्रतिमाह ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य कर दिया है। अभी तक 50 लाख रुपये वार्षिक टर्न-ओवर करने वाले व्यापारियों को प्रतिमाह ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना था। विभाग के नए आदेश की जद में 1583 व्यापारी आएंगे। इन व्यापारियों को अब प्रतिमाह ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना होगा।
इसके पूर्व जिले के 750 व्यापारी ऐसे थे, जो 50 लाख से एक करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का टर्न-ओवर करते थे और प्रतिमाह ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करते थे। इस प्रकार अब 2333 व्यापारियों को प्रतिमाह ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना होगा। बता दें कि वाणिज्य कर विभाग में जिले भर के 5600 व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से अधिकांश व्यापारी आफ लाइन रिटर्न दाखिल करते थे। मगर विभाग की सख्ती के चलते अब उन्हें ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना होगा। वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश दुबे ने बताया कि 25 लाख रुपये प्रतिवर्ष का टर्न-ओवर करने वाले जो व्यापारी प्रतिमाह ऑनलाइन रिटर्न दाखिल नहीं करेंगे, उनका पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश दुबे की मानें तो जीएसटी व्यापारियों और आम लोगों के लिए फायदेमंद है। जीएसटी के लागू होने से वर्तमान में लगने वाला 35 प्रतिशत कर घटकर 20 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। इससे आम लोगों को सभी सामान सस्ता मिलेगा।
जीएसटी की तैयारी को देखते हुए विभाग में व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है। सहायक आयुक्त खंड एक विवेक मिश्र और खंड दो में तैनात रहे धर्मेन्द्र कुमार का तबादला इलाहाबाद सचल दल के लिए हो गया है। धर्मेन्द्र कुमार के स्थान पर रोहित मालवीय की तैनाती की गई है। जबकि विवेक मिश्र का स्थान अभी रिक्त है। विभाग के मुखिया वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश दुबे का भी तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर गाजियाबाद में तैनात रहे हरसहाय सिंह को जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसी सप्ताह के अंत तक कार्यभार ग्रहण करने की संभावना है।