सपा सरकार लैपटॉप व टैबलेट बांट कर विद्यार्थियों को जहां हाईटेक व्यवस्था से जोड़ रही है, वहीं इसके विपरीत शहर के एमडीपीजी कॉलेज ने परिसर में मोबाइल के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस बात की सूचना कॉलेज प्रशासन ने सूचना पट पर भी चस्पा कर दी है। उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इस आधुनिक दौर में मोबाइल हर व्यक्ति की अहम जरूरत में शामिल है। बगैर मोबाइल के एक पल भी किसी का काम नहीं चल रहा। विद्यार्थियों को हाईटेक व्यवस्था से जोडने के लिए प्रदेश सरकार लैपटॉप व टैबलेट बांट रही है। हर पल परिजन बच्चों से जुड़ाव की तमन्ना रख रहे हैं। ऐसे हालात में एमडीपीजी प्रशासन ने परिसर में मोबाइल के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। थोपे गए इस प्रतिबंध को विद्यार्थी पचा नहीं पा रहे। मगर वह मुंह खोलने की स्थिति में नहीं है। कालेज प्रशासन ऐसा करने के पीछे कई वजह बता रहा है। कहा जा रहा है कि मोबाइल का दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। तमाम तरह की क्लिपिंग बना कर वायरल की जा रही हैं।
ऐसे में छात्र व छात्राओं की सुरक्षा को देख यह कदम उठाया जाना जरूरी समझा गया। इतना ही नहीं कारण ये भी है कि छात्राएं परिसर में आती जाती रहती हैं। कुछ शरारती किस्म के विद्यार्थी तेज आवाज में अश्लील गाना मोबाइल पर बजाते रहते हैं। उस गाने की ध्वनि संचालित कक्षाओं में भी पहुंचती है। जिसकी वजह से कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। हालांकि कॉलेज के इस फरमान का विद्यार्थियों पर कोई असर नहीं है। सोमवार को वह परिसर में मोबाइल का प्रयोग करते नजर आए। देर शाम तक एक के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एएन त्रिपाठी का मोबाइल बंद बताता रहा।