वरासत दर्ज करने में कई माह से हीलाहवाली कर रहे लेखपाल को कमिश्नर ने निलंबित कर दिया। देर से पहुंचे एक दर्जन से भी अधिक कमियों व अफसरों प्रतिकूल प्रविष्टि दी। जबकि तीन अनुपस्थित अफसरों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। मंगलवार को लालगंज तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील दिवस था। सुबह 10 बजे तहसील दिवस शुरू होने के पूर्व मंडलायुक्त राजन शुक्ल और डीआईजी भगवान स्वरूप अचानक 9.50 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचे। आयुक्त ने देखा कि सभागार में अभी साफ-सफाई का काम चल रहा है। प्रथम व द्वितीय तल पर कार्यालयों के पटल का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। राजस्व अदालतों का भी उन्होंने मुआयना किया। मंडलायुक्त ने एसडीएम न्यायालय के सामने मौजूद अधिवक्ताओं तथा क्षेत्रीय लोगों से तहसील की समस्याओं के बारे में जानकारी जुटाई।
अर्से से खराब पड़ी पानी की टंकी देख कमिश्नर का पारा चढ़ गया। लोगों ने परिसर में गंदगी व बारिश का जलभराव होने का दर्द बयां किया। समस्याओं को सुनकर आयुक्त भड़क गए। उन्होने एसडीएम वाईबी सिंह व तहसीलदार संतोष कुमार सोनकर को तलबकर जमकर फटकार लगाई। सभागार में पहुंचते ही आयुक्त ने तहसीलदार से उपस्थिती पंजिका तलब की। देर से पहुंचे कई अफसरों अफसरों को देख उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अनुपस्थित रहे डिप्टी सीएमओ मुनींद्र नारायण, लक्ष्मणपुर के बीडीओ गुलाब चंद्र, सांगीपुर की बीडीओ सावित्री देवी, पीडब्लूडी के जेई, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के अवर अभियंता, रामपुर संग्रामगढ़ की सीडीपीओ सविता, सांगीपुर की सीडीपीओ विद्यावती, एसडीओ विद्युत घनश्याम तिवारी के विरुद्ध तहसील दिवस में मौजूद सीआरओ रामसिंह वर्मा को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए डीएम को निर्देश दिया। अनुपस्थित रहे लक्ष्मणपुर तथा रामपुर संग्रामगढ़ के उपखंड शिक्षाधिकारी व तहसील के पूर्ति निरीक्षक का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। तहसील दिवस में मौजूद क्षेत्राधिकारी व थानाध्यक्षों को तलब कर प्राथमिकी दर्ज किए जाने में हीलाहवाली पर क्लास ली। लालगंज बाजार में हाईवे की दुर्दशा के लिए भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने का निर्देश डीएम को दिया। तहसील दिवस में कुल 70 शिकायतें आईं दर्ज हुईं।