बुधवार को बीमारी से जूझ रही पत्नी के मरने की खबर सुनकर चालक के होश उड़ गए। अंतू रेलवे स्टेशन पर शटल ट्रेन को छोड़कर चालक भागता हुआ घर आया। सूचना मिलने पर दूसरा चालक ट्रेन लेकर लखनऊ गया। इस दौरान ट्रेन करीब तीन घंटे तक अंतू रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। कोतवाली नगर के पूर्वी सहोदरपुर मोहल्ले के हरिकेश बहादुर सिंह रेलवे में चालक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने सहोदरपुर में सिद्धार्थ गर्ल्स इंटर कॉलेज के बगल मकान बना रखा है। यहीं पर इनका परिवार रहता है। बुधवार को सुबह प्रतापगढ़ से लखनऊ जाने वाली शटल ट्रेन पर हरिकेश की ड्यूटी थी। सुबह वह लॉबी आए। ड्यूटी रोस्टर पर साइन किया और शटल ट्रेन लेकर लखनऊ रवाना हो गए। ट्रेन अंतू रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाली थी। तभी उनके मोबाइल पर घर से फोन आया।
फोन पर परिजनों ने पत्नी के मरने की सूचना दी। सूचना मिलते ही हरिकेश सन्न रह गए। सहयोगी चालक ने उन्हें संभाला। ट्रेन से उतरकर हरिकेश ने इसकी सूचना अंतू के स्टेशन मास्टर के अलावा अपने अधिकारियों को दी। सूचना देने के फौरन बाद वह अंतू से घर के लिए भागे। घर पर पहले से ही कोहराम मचा हुआ था। हरिकेश के जाने के बाद ट्रेन अंतू रेलवे स्टेशन पर करीब तीन घंटे तक खड़ी रही। परिचालन विभाग ने दूसरे चालक की व्यवस्था की। बाद में चालक राजकुमार अंतू से शटल को लखनऊ ले गए। इस दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतें आईं। घंटों उनको ट्रेन में बैठे रहना पड़ा। हरिकेश के अनुसार उसकी पत्नी बीमार चल रही थी। लखनऊ में उसका इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ गई। घरवाले उनको लेकर लखनऊ गए और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज करवाया। बुधवार को इलाज के दौरान लखनऊ में ही उनकी मौत हो गई। हरिकेश का आरोप है कि जिस डॉक्टर से पहले इलाज चल रहा था। उसकी दवा से रिएक्शन हो गया। जिसके कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई।