जौनपुर जनपद के एक बालक ने एक रुपये की शर्त जीतने के फेर में अपनी जिंदगी को दांव पर लगा दिया। खेल के दौरान दोस्तों के शर्त रखने पर उसने भारी मात्रा में मानव बाल निगल लिया। कुछ दिनों बाद उसकी हालत बिगड़ी तो घरवाले परेशान हो गए। हालत बिगड़ने पर उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां जांच के दौरान पता चला कि उसके पेट में ढेर सारा बाल फंसा है। डाक्टरों ने आपरेशन कर उसकी जान बचाई।
जौनपुर जनपद के मछलीशहर भीलमपुर गांव निवासी सचिन (11) कुछ दिन पहले घर के पास ही दोस्तों के साथ खेल रहा था। वहीं पर महिलाओं के सिर का बाल रखा हुआ था। इस दौरान उनमें से किसी ने शर्त लगा दी कि जो पूरा बाल निगल जाएगा उसे एक रुपये दिया जाएगा। शर्त जीतने के चक्कर में सचिन ने पूरा बाल निगल लिया। धीरे-धीरे उसके पेट में दर्द होने लगा। उसने खाना-पीना भी बंद कर दिया। इससे परिजन परेशान हो उठे। आस-पास के कई चिकित्सकों से उसका इलाज कराया। पहले तो चिकित्सक मर्ज ही नहीं पकड़ पा रहे थे। मंगलवार को घरवाले उसे लेकर शहर के नर्सिंगहोम में पहुंचे।
यहां चिकित्सकों ने पहले उसका अल्ट्रासाउंड कराया। उसके पेट में गांठ की तरह दिखने पर डाक्टरों को कुछ शक हुआ। इस पर डाक्टरों ने ऑपरेशन करने का फैसला किया। आपरेशन के बाद उसके पेट से भारी मात्रा में बाल बरामद हुआ। यह देख बालक के घरवाले भी दंग रह गए। डाक्टरों के साथ घरवालों के पूछने पर उसने पूरी कहानी बताई। आपरेशन के बाद उसकी हालत में सुधार है। इस बारे में डा. मनीष सिंह ने बताया कि सचिन के पेट से बाल निकाल लिया गया है। उसने बताया कि एक रुपये की शर्त जीतने के चक्कर में उसने बाल निगल लिया था। ऑपरेशन हो गया है। अब उसके जान का कोई खतरा नहीं है।