मानेदय न मिलने की वजह से आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे विद्युत संविदा कर्मियों को अनशन के बाद मानदेय मिला भी तो उसमें से पांच सौ रुपये जिला बिजली संघ के मुखिया ही डकार गए। इसकी जानकारी कर्मियों को हुई तो वे भड़क उठे। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एसडीओ टाउन और एक्सईएन से करते हुए बकाया पैसा दिलाने की मांग की है। उधर, अपने को पाक साफ बताने के लिए नेता जी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। जिलें में तैनात करीब तीन सौ संविदा कर्मियों को कई महीने से मानदेय नहीं मिला था। इसके लिये वे बार-बार आंदोलन कर रहे थे। मगर अधिकारी और ठेकेदार उनकी सुन नहीं रहे थे। इसी बीच कर्मचारियों ने एक्सईएन के यहां अनशन शुरू कर दिया। एक कर्मचारी ने आत्मदाह करने की चेतावनी तक दे डाली। इसी अनशन के क्रम में अधीक्षण अभियंता राजीव श्रीवास्तव इलाहाबाद ने ऊपर से पड़ते दबाव के चलते संविदा कर्मियों के मानदेय का भुगतान करने का आदेश प्रतापगढ़ के दोनो एक्सईएन को दिया। दो दिन पहले एक्सईएन प्रथम ने प्रति कर्मचारी पचपन सौ रुपये मानदेय के हिसाब से एक दर्जन संविदा कर्मियों का भुगतान दिया। आरोप है कि भुगतान लेने के बाद जिला बिजली संघ के मुखिया ने सभी कर्मचारियों के मानदेय से पांच-पांच सौ रुपये काटकर पांच हजार का भुगतान किया।
बाद में इसकी जानकारी होने पर रूपापुर उपकेंद्र के मनोज और उमेश समेत आधा दर्जन संविदा कर्मियों ने अपने ही मुखिया पर पांच सौ काटकर मानदेय देने का आरोप मढ़ा। लिखित आरोप लगाते हुए पांच सौ रुपये दिलाने की मांग एक्सईएन प्रथम से की है। इस बारे में एक्सईएन प्रथम एके श्रीवास्तव का कहना है कि एक दर्जन कर्मचारियों को उनका बकाया प्रति कर्मचारी पचपन सौ रुपये के हिसाब से मानदेय अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर भुगतान किया गया था। रूपापुर उपकेंद्र के आधा दर्जन कर्मचारियों ने लिखकर दिया है कि उनके संघ के मुखिया ने पचपन सौ की बजाय पांच हजार रुपये ही दिए हैं। पांच सौ रुपये काट लिए गए हैं। कर्मचारियों ने पांच सौ रुपये दिलाने की मांग की है। इस बारे में नेताजी को बुलाया गया है। उनके सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी। कर्मचारियों का आरोप है कि जब भी धरना-प्रदर्शन होता है मुखिया जी उसमें कूद जाते हैं। कर्मचारियों की खाते हैं और अधिकारियों से भी सांठगांठ किये रहते हैं। कर्मचारी और उनका परिवार मानदेय के अभाव में तंगी से गुजर रहा है। वहीं दूसरी ओर अधिकारी और नेता दोनो मिलकर उनका शोषण कर रहे हैं।