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प्रतापगढ़ : चार करोड़ की ठगी का आरोपी नटवरलाल गिरफ्तार 

Thu, 20 May 2021 08:16 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़

सार

  • तीन जिलों की पुलिस को थी वर्षों से तलाश, घोषित किया गया था पच्चीस हजार रुपये का इनाम 
  • हत्या, लूट व धोखाधड़ी के भी दर्ज हैं कई मामले, एडीजी प्रयागराज व लालगंज पुलिस ने दबोचा
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arrest - फोटो : istock
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विस्तार
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एडीजी प्रयागराज की  टीम व लालगंज पुलिस ने संयुक्त अभियान में चार करोड़ की ठगी के आरोपी और 25 हजार के इनामी नटवरलाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। लखनऊ, प्रयागराज व प्रतापगढ़ पुलिस को उसकी वर्षों से तलाश थी। उसके ऊपर कई जनपदों में हत्या, लूट व जालसाजी के मुकदमे दर्ज हैं। 
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लालगंज कोतवाली के इटौरी निवासी आलोक मिश्र की पुलिस को कई वर्षों से तलाश थी। लगातार फरारी के बाद वर्ष 2016 के धोखाधड़ी के एक मुकदमे में न्यायालय ने उसके खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी किया था। कोतवाली में आरोपी की हिस्ट्रीशीट को देखते हुए हाल ही में उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बुधवार की रात लालगंज पुलिस और प्रयागराज एडीजी प्रेमप्रकाश की टीम ने संयुक्त रूप से दबिश देकर आलोक को उसके घर से दबोच लिया।

आलोक मिश्र के खिलाफ उसके गांव इटौरी के पंचम सरोज की तहरीर पर बीते 16 मई को जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, मारपीट व स्टोर से लूट करने के मामले में केस दर्ज किया गया था।पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि 25 हजार के इनामी नटवरलाल आलोक मिश्र ने धर्मा इंटरप्राइजेज से मिलकर डिजिटल राशन कार्ड बनाने की एजेंसी के नाम पर प्रदेश के कई जिले के लोगों से दस से पंद्रह लाख रुपये की वसूली की थी। लखनऊ में करीब चार करोड़ रुपये की ठगी थी।
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इसे लेकर राजधानी लखनऊ की कोतवाली गाजीपुर में अंकित सिंह की तहरीर पर केस दर्ज हुआ है। आलोक के खिलाफ कोतवाली लालगंज समेत लखनऊ व प्रयागराज में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लालगंज कोतवाली मे आलोक के खिलाफ तीन मुकदमे धोखाधड़ी, जालसाजी, बलवा, लूट व घर में घुसकर मारपीट के दर्ज हैं। प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में दो व धूमनगंज थाने में भी एक मुकदमा गंभीर अपराध का दर्ज है। सिविल लाइंस कोतवाली में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन और धूमनगंज में हत्या की संगीन वारदात का मुकदमा दर्ज है। 

काले कारनामों को छिपाने के लिए ओढ़ लिया समाजसेवा का चोला 

जालसाजी और अपराध के जरिए काला कारोबार करने वाले आलोक ने कुछ साल पहले समाजसेवा का चोला ओढ़ लिया था। लाकडाउन के दौरान जरूरतमंदों को खाद्य सामाग्री उपलब्ध कराने के साथ ही वह गरीब लोगों की बेटियों की शादियों में भी जरूरत से अधिक आर्थिक मदद करता था। गांव व आसपास के लोगों को पांच सौ रुपये हर माह भेजता था। ताकि गांव के लोगों के बीच उसकी छवि बेहतर बनी रहे। पुलिस ही नहीं बल्कि गांव के लोगों के बीच अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए नटवरलाल आलोक मिश्रा ने समाज के असरदार लोगों को सम्मानित करने का भी स्वांग रचा था। उसकी हकीकत का पता चलते ही सगरासुंदरपुर, पहाड़पुर एवं लक्ष्मणपुर इलाके में लोगों ने दांतों तले उगंली दबा ली।

सियासी संरक्षण में पल रहा था, सुरक्षा में लगे थे बाउंसर

प्रयागराज के महाकुंभ में भी लोगों को टेंडर दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आलोक को वहां की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहां से छूटने के बाद भी उसने अपना काला कारनामा जारी रखा। लखनऊ में आलोक सियासी संरक्षण में पल रहा था। उसकी सुरक्षा में बाउंसर चलते थे। गांव में आने पर लोगों को यह एहसास होता था कि वह बड़ा कारोबारी है। वह महंगी लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था।
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