मां का खून से लथपथ शव देख सहमे बच्चे नाना को देख फूट-फूटकर रोए
शहर के स्टेशन रोड पर रहने वाले संतोष शर्मा के बड़े बेटे अभय, आयुष व बेटी अनन्या स्कूल से घर पहुंचते ही मां का शव देख सहम गए। पहले छोटा बेटा आयुष अकेले था तो मां का शव देख बिलख पड़ा। भाई व बहन के पहुंचने पर उनसे लिपट गया। तीनों बच्चे सहमे रहे। मां की हत्या बेरहम पिता द्वारा करने के कारण पड़ोसी भी बच्चों के भविष्य को लेकर चर्चा करते रहे। तीनों के सिर से जहां मां का साया छिन गया। वहीं पिता अब जेल चला जाएगा। ऐसे में बच्चों की परवरिश कौन करेगा। इसे लेकर लोग चर्चा करते रहे। शाम को कानपुर से नाना के पहुंचते ही तीनों बच्चे उनसे लिपट गए और फूट-फूटकर रोने लगे। तीनों बच्चों को पुलिस ने नाना के सुपुर्दगी में दिया गया। उन्होंने बच्चों को कटरामेदनीगंज अपने पैतृक घर भेजा।
बाइक लेने आया था भांजा, पुलिस करती रही पूछताछ
खराद की दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान करीब 11 बजे संतोष का भांजा विनय बाइक लेने आया था। ऐसे में वह बाइक लेकर चला गया। घटना की जानकारी के बाद पहुंचे विनय से पुलिस पूछताछ करती रही।
जगन्नाथ की दिमागी हालत ठीक नहीं
मृतका के ससुर जगन्नाथ की दिमागी हालत ठीक नहीं है। घटना के बाद पहुंची पुलिस को देख वह परेशान हो उठा। बहू की हत्या से अंजान जगन्नाथ नाती विनय को देख लोगों के मौजूदगी के बारे में सवाल किया जाता रहा। पुलिसकर्मी उसे कुर्सी पर बैठाते रहे लेकिन वह इधर उधर चक्कर लगाता रहा।
निर्मल तिराहे तक दिखा संतोष, कई दिनों से था तनाव में
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी में संतोष शर्मा निर्मल तिराहे की ओर जाता नजर आ रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि कई दिनों से संतोष तनाव में दिख रहा था। वह कुछ ही लोगों से बातचीत करता। कभी दुकान पर तो कभी बाहर चला जाता। कारखाने पर काम अधिक था। इसके बावजूद वह कम समय देता।
कमरे में मिला मोबाइल फॉरेंसिक टीम ने लिया कब्जे में
जिस कमरे में मंजू शर्मा की हत्या की गई थी। उस कमरे में उस्तरा मिल गया। पुलिस की छानबीन में संतोष का मोबाइल दूसरे कमरे में मिला। जिसे फॉरेंसिक टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। उसकी काल डिटेल से घटना की तह तक जाने जाने की पुलिस को उम्मीद है।