ममता का गला घोंटने वाली मां को भेजा जेल
तीन बच्चों को लेकर कूद गई थी कुएं में, दो की चली गई थी जान
ग्रामीण चारपाई के सहारे चारों को निकाल रहे थे बाहर, महिला ने दो बच्चों को दोबारा धक्का देकर ढकेल दिया कुएं में
संवाद न्यूज एजेंसी
गौरा। फतनपुर थाना क्षेत्र के मेड़ुआडीह गांव में बुधवार को तीन बच्चों को लेकर कुएं में कूदने वाली विवाहिता को पुलिस ने जेल भेज दिया। घटना में दो बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि महिला और एक बेटी को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से बाहर निकाल लिया था।
गांव निवासी जय सिंह यादव मुंबई में रहता है। बुधवार की शाम घरेलू कलह से तंग आकर उसकी पत्नी रेखा देवी अपने एक बेटे व दो बेटियों को साथ लेकर घर के सामने कुएं में कूद गई। ग्रामीणों की मानें तो शोरशराबा सुनकर लोग चारपाई कुएं में डालकर सभी को बाहर निकालने लगे। चारपाई पर रेखा व उसके तीनों बच्चे बैठ गए। छोटी बेटी इसानी को रेखा अपनी गोद में ले रखी थी। जबकि बेटा आदर्श व बेटी स्वीटी दूसरे छोर पर बैठे थे। अचानक रेखा ने बेटे आदर्श व बेटी स्वीटी को फिर कुएं में धक्का दे दिया और खुद भी कूदने का प्रयास करने लगी। हालांकि तब तक ग्रामीणों ने चारपाई समेत उसे बाहर खींच लिया। इसानी को लेकर प्राइवेट चिकित्स के पास भागे। इस बीच बेटी स्वीटी को बाहर निकाला गया। उसे लेकर लोग सीएचसी गौरा पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। करीब आधे घंटे बाद आदर्श को भी लोगों ने बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। यह देख परिजन बिलखने लगे। कुछ देर बाद रेखा के मायके से भी लोग पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस से मायके वालों की तकरार भी हुई। इसके बाद बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रेखा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। गुरुवार को ससुर राममूर्ति की तहरीर पर पुलिस ने रेखा के खिलाफ हत्या, जान से मारने की कोशिश और खुदकुुशी का मुकदमा दर्ज कर लिया। फतनपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि मुकदमा दर्ज करने के बाद रेखा को जेल भेज दिया गया। बालिका इसानी को दादी के हवाले कर दिया गया। शाम को आदर्श व स्वीटी के शवों को गांव की बाग में दफना दिया गया।
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सीएचसी में जुटी रही भीड़, हर कोई कोस रहा था महिला को
बच्चों को लेकर जान देने के लिए कुएं में कूदी महिला पत्थरदिल निकली। ग्रामीण सभी को चारपाई की मदद से बाहर निकाल रहे थे। बाहर आने के दौरान बेरहम मां ने बेटे व बेटी को फिर से कुएं में धकेल दिया। जिसके चलते भाई-बहन की सांस थम गई। ममता का गला घोंटने वाली महिला के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। उसे हर कोई कोसता नजर आया।इनसेट-------
घटना छिपाने में जुटे थे परिजन, मायकेवालों के हंगामे से बिगड़ी बात
फतनपुर के मेड़ुआडीह में दो बच्चों की मौत के बाद परिवार के लोग घटना को पुलिस से छिपाने का प्रयास करते रहे। शाम की घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। ग्रामीण पुलिस से मामले को छिपाते हुए बच्चों के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। पुलिस को भनक लग गई थी, लेकिन वह भी सूचना के अभाव में कोई कदम नहीं उठा रही थी। इस बीच रेखा के मायके जौनपुर जनपद से पिता व भाई भी आ गए। रेखा के ससुर दो बच्चों की मौत से बेहोश पड़े थे। रेखा का भाई ससुराल के लोगों पर ही उत्पीड़न का आरोप लगाने लगा। जिसके बाद हंगामा होने लगा। जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस से रेखा के भाई की तकरार हो गई। जिसके बाद पुलिस ने रेखा को हिरासत में लेकर सीएचसी गौरा में भर्ती कराया। जहां पुलिस अभिरक्षा में रेखा का उपचार होता रहा। गुरुवार की सुबह पुलिस उसे थाने ले गई। बाद में जेल भेज दिया।
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हमला बोलने की तैयारी में थे ग्रामीण
पुलिस अभिरक्षा में सीएचसी गौरा में उपचार के लिए भर्ती कराई गई रेखा को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ आती-जाती रही। हालांकि पुलिसकर्मी लोगों को वार्ड में जाने से रोक रहे थे। ग्रामीण रेखा पर हमला बोलने की तैयारी में थे लेकिन, पुलिस के चलते कोई वारदात नहीं हो सकी। इस बीच एक बंदर ने सीएचसी में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। वह रेखा के पास आया। बाद में बेड पर सो रही इसानी को चूमने लगा। बंदर से बचने के लिए पुलिसकर्मी भी बाहर की ओर भाग निकले।
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उठ रहे सवाल: आखिर क्यों अपने ही बच्चों की दुश्मन बन गई रेखा
फतनपुर के मेडुआडीह में बुधवार की शाम तीन बच्चों को साथ लेकर जान देने के लिए रेखा कुएं में कूद गई। जिसके चलते भाई आदर्श व बहन स्वीटी की मौत हो गई। घटना के दूसरे दिन भी इलाके में यही सवाल उठ रहा था कि आखिर कौन सा ऐसा कारण था जिससे रेखा खुद व बच्चों की जिंदगी समाप्त करना चाहती थी। लोग उसके इस कदम से हैरत में भी थे और उसे कोसते रहे। ग्रामीणों की मानें तो चचेरी देवरानी से विवाद के दौरान रेखा अपनी छोटी बेटी इसानी के साथ कुएं पर बैठी थी। खेल रहे बेटे आदर्श व बेटी स्वीटी को अपने पास बुलाती रही। स्वीटी मां के बुलाने पर आ गई लेकिन, आदर्श दूसरे बच्चों के साथ खेलता रहा। हालांकि जैसे ही वह अपनी मां के करीब कुएं पर पर पहुंचा। रेखा ने पल भर में ही अपने बेटे आदर्श को कुएं में धकेल दिया। फिर दोनों बेटियों को साथ लेकर कुएं में कूद गई।