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प्रतापगढ़: 28 दिन बाद पटरी पर लौटी मनरेगा मजदूरों की जिंदगी 

Tue, 21 Apr 2020 07:24 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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MANREGA
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लॉकडाउन के 28 दिन बाद मनरेगा मजदूरों की जिंदगी पटरी पर लौट आई है। मंगलवार से ग्रामीण इलाकों में तालाब खुदाई का कार्य प्रारंभ हो गया। अफसरों की सख्ती का परिणाम रहा कि जिले भर के 374 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य प्रारंभ हो गया है। गांव में  कार्य करने के लिए बड़ी संख्या में मजदूर आ रहे हैं। अब अफसरों के सामने मजदूरी का भुगतान कराना है। 
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जिले के दिहाड़ी मजदूरों को उनके घर में रोजगार दिलाने के लिए मंगलवार से मनरेगा कार्य प्रारंभ हो गया है। अफसरों की सख्ती के चलते बीडीओ स्वयं ग्राम पंचायतों में पहुंचकर अपनी मौजूदगी में निर्माण कार्य प्रारंभ कराया। जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों में तालाबों को सुधारने का कार्य प्रारंभ हुआ।

जिले में भीषण गर्मी से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तालाबों में पानी भरवाने का निर्देश दे रखा है। संडवा चंद्रिका विकास खंड की बीडीओ आकांक्षा सिंह अर्जुनपुर ग्राम पंचायत पहुंचकर अपनी मौजूदगी में कार्य प्रारंभ कराया।
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प्रधान राम सिंह ने सभी मजदूरों को मॉस्क बांटा। बीडीओ ने कहा है कि जहां भी मनरेगा का कार्य चल रहा है, वहां साबुन और पानी अवश्य रखा जाय।  डीसी मनरेगा अजय कुमार पांडेय ने बताया कि 374 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य प्रारंभ हो गया है। गुरुवार तक सभी ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

उन्होंने बताया जो मजदूर कार्य कर रहे हैं, उन्हें सप्ताह भर बाद मजदूरी प्रदान कर दी जाएगी। मनरेगा के खाते में धनराशि डंप है। उन्होंने कहा कि सभी बीडीओ और प्रधानों से तेजी से निर्माण कराने को कहा गया है। 

तालाबों में भरा जाएगा पानी 

मई और जून के माह में पशु-पक्षियों को प्यास बुझाने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी तालाबों में पानी भराने का आदेश जारी किया है। ग्रामीण इलाकों में अगर नहर नहीं है, तो वहां के तालाबों को निजी नलकूप से पानी भराना होगा। अगर कोई प्रधान लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 

खिले मजदूरों के चेहरे, जगी आशा की किरणें 

लॉकडाउन के दौरान रोजगार के अभाव में निराश होने वाले मजदूरों के चेहरे मंगलवार को खिल गए। अब उन्हें आशा जग गई है कि जीवन व्यतीत करने में आर्थिक संकट के दौर से नहीं गुजरना होगा। मजदूरों का कहना था कि सिर्फ राशन से ही काम चलने वाला नहीं है, बल्कि घर का खर्च चलाने के लिए आर्थिक सहयोग आवश्यक होता है। 

लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए सभी प्रधानों को मनरेगा का कार्य अविलंब प्रारंभ दें। अगर कोई मनमानी करता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों के खाते में सप्ताह भर बाद भुगतान कर दिया जाएगा। 
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डा. अमितपाल शर्मा, सीडीओ
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